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NCERT Solutions for Class 7 Science in Hindi

 

NCERT Solutions for Class 7 Science in Hindi

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Ncert Solutions For Class 7 Science Chapter 18 Hindi Medium

 कक्षा : 7

विषय : विज्ञान
अध्याय : 18 अपशिष्ट जल की कहानी

पाठ से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1 – बूझो जानना चाहता है कि हवाई जहाज में वाहित मल का निबटान कैसे होता है ?

उत्तर :- स्वच्छता की स्थिति सुधारने के लिए, कम लागत के यथास्थान वाहित मल निबटान तंत्रो को बढ़ावा देते है। हवाई जहाजों में वैक्यूम टॉयलेट होते हैं, जो पानी को छानकर एक ओर भेज देता है और ठोस मल को एक तरफ। ये ठोस मल जहाज में नीचे की तरफ लगे 200 लीटर के टैंक में मिल जाता है। ये 200 लीटर का टैंक हर उड़ान के बाद एयरपोर्ट पर खुलता है और इसे खाली किया जाता है।

अभ्यास

प्रश्न 1 – रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :-

(क) जल को स्वच्छ करना _____ को दूर करने का प्रक्रम है।

(ख) घरों द्वारा निर्मुक्त किए जाने वाला अपशिष्ट जल _____ कहलाता है।

(ग) शुष्क ____ का उपयोग खाद के रूप में किया जाता है।

(घ) नालियाँ ____और __के द्वारा अवरुद्ध हो जाती है।

उत्तर:- (क) जल को स्वच्छ करना संदूषक को दूर करने का प्रक्रम है।

(ख) घरों द्वारा निर्मुक्त किए जाने वाला अपशिष्ट जल वाहित मल कहलाता है।

(ग) शुष्क आपंक का उपयोग खाद के रूप में किया जाता है।

(घ) नालियाँ तेल और वसा के द्वारा अवरुद्ध हो जाती है।

प्रश्न 2 – वाहित मल क्या है ? अनुपचारित वाहित मल को नदियों अथवा समुद्र में विसर्जित करना हानिकारक क्यों है, समझाइए।

उत्तर :- वाहित मल घरों, उद्योगों, अस्पतालों, कार्यालयों और अन्य उपयोगों के बाद प्रवाहित किए जाने वाला अपशिष्ट जल होता है। इसमें वर्षाजल भी सम्मिलित है, जो तेज वर्षा के समय गलियों में बहता है। सड़कों और छतों से बहकर आने वाला वर्षाजल अपने साथ हानिकारक पदार्थों को ले आता है। वाहित मल द्रवरूपी अपशिष्ट होता है। इसमें अधिकांश जल होता है, जिसमें घुले हुए और निलंबित अपद्रव्य होते हैं। इसमें कई बिमारियों को फैलाने वाले रोगाणु होते है। यह भूमिगत जल को प्रदूषित करता है। वाहित मल हैजा, टाइफाइड जैसी कई बिमारियों का वाहक है।

प्रश्न 3 – तेल और वसाओं को नाली में क्यों नहीं बहाना चाहिए ? समझाइए।

उत्तर :- खाना पकाने के तेल और वसाओं को नाली  में इसलिए नहीं बहाना चाहिए क्योंकि ये पाइपों में कटोर पदार्थों की परत जमाकर उन्हें अवरुद्ध कर सकते हैं। खुल्ली नाली में वसा मृदा के रंध्रो को बंद कर देती है जिससे उसकी जल को फिल्टर करने की प्रभाविता कम हो जाती है। पेंट, विलायक, कीटनाशक, मोटर तेल, आदि रसायन उन सूक्ष्मजीवों को मार सकते हैं। जो जल के शुद्धिकरण में सहायक होते हैं। इसलिए उन्हें नाली में मत बहाइए, उन्हें कूड़ेदान में ही फैंकना चाहिए।

प्रश्न 4 – अपशिष्ट जल से स्वच्छ जल प्राप्त करने के प्रक्रम में सम्मिलित चरणों का वर्णन करिए।

उत्तर :- अपशिष्ट जल के उपचार में भौतिक, रासायनिक और जैविक प्रक्रम सम्मिलित होते हैं। जो जल को संदूषित करने वाले भौतिक, रासायनिक और जैविक द्रव्यों को पृथक् करने में सहायता करते हैं। 

  1.  सर्वप्रथम अपशिष्ट जल को ऊर्ध्वाधर लगी छड़ों से बने शलाका छन्ने (बार स्क्रीन) से गुजारा जाता है। इससे अपशिष्ट जल में उपस्थित कपड़ों के टुकड़े, डंडिया, डिब्बे, प्लास्टिक के पैकेट, नैपकिन आदि जैसे बड़े साइज के संदुषक अलग हो जाते हैं।
  2. अब वाहित अपशिष्ट जल को ग्रिट और बालू अलग करने की टंकी में ले जाया जाता है। इस टंकी में अपशिष्ट जल को कम प्रवाह से छोड़ा जाता है। जिससे उसमें उपस्थित बालु, ग्रिट और कंकड़–पत्थर उसकी पेंदी में बैठ जाते हैं।
  3. फिर जल को एक ऐसी बड़ी टंकी में ले जाया जाता है। जिसका पेंदा मध्य भाग की ओर ढलान वाला होता है। जल को इस टंकी में कई घंटों तक रखा जाता है। जिससे मल जैसे ठोस उस की तली के मध्य भाग में बैठ जाते हैं। इन अशुद्धियों को खुरच कर बाहर निकाल दिया जाता है। यह आपंक (स्लज) होता है। अपशिष्ट जल में तैरने वाले तेल और ग्रीज जैसी अशुद्धियों को हटाने के लिए अपथित्र (स्किमर) का उपयोग किया आता है। इस प्रकार साफ़ किया गया, जल निर्मलीकृत जल कहलाता है।
  4. निर्मलीकृत जल में पंप द्वारा वायु को गुजारा जाता है। जिससे उसमें वायवीय जीवाणुओं की वृद्धि होती है। ये जीवाणु निर्मलीकृत जल में अब भी बचे हुए मानव अपशिष्ट पदार्था, खाद्य अपशिष्ट, साबुन और अन्य अवांछित पदार्थों का उपभोग कर लेते हैं।

 प्रश्न 5 – आपंक क्या है ? समझाइए कि इसे कैसे उपचारित किया जाता है।

उत्तर :- टंकी में जल के शोधन के दौरान जल को इस टंकी में कई घंटों तक रखा जाता है। जिससे मल जैसे ठोस उस की तली के मध्य भाग में बैठ जाते हैं। इन अशुद्धियों को खुरच कर बाहर निकाल दिया जाता है। यह आपंक (स्लज) होता है। आपंक को एक पृथक् टंकी में स्थानांतरित किया जाता है। जहाँ यह अवायवीय जीवाणुओं द्वारा अपघटित हो जाता है। इस प्रक्रम में उत्पन्न होने वाली बायोगेस (जैव गैस) का उपयोग ईधन के रूप में अथवा विद्युत उत्पादन के लिए किया जा सकता है।

प्रश्न 6 – अनुपचारित मानव मल एक स्वास्थ्य संकट है। समझाइए।

उत्तर :- अनुपचारित मानव मल स्वास्थ्य संकट का एक कारक है। इससे जल और मृदा का प्रदूषण हो सकता है। सतह पर उपलब्ध जल और भौमजल दोनों मानव मल से प्रदूषित हो जाते हैं। भौमजल  कुँओं, ट्यूबवैल (नलकूपों), झरना और अनेक नदियों के लिए जल का स्रोत है। इसके कारण इनमें हैजा, टायफॉइड, पोलियो, मेनिन्जाइटिस, हेपैटाइटिस और पेचिश जैसे रोग पैदा होते है।

प्रश्न 7 – जल को रोगाणुनाशित (रोगाणुमुक्त ) करने के लिए उपयोग किए जाने वाले दो रसायनों के नाम बताइए।

उत्तर :- क्लोरीन तथा ओजोन।

प्रश्न 8 – अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र में शलाका छन्नों के कार्यों को समझाइए।

उत्तर :- अपशिष्ट जल में बड़े आकार के कई संदूषक, जैसे कपडे के टुकड़े, डिब्बे, प्लास्टिक की थैलियाँ,  नैपकिन, डंडिया आदि विद्यमान होते हैं। इस अपशिष्ट जल को ऊर्ध्वाधर लगी छड़ों से बनी शलाका छन्नों में से गुजारकर पृथक कर दिया जाता है। जिससे बड़े आकार के संदूषक अपशिष्ट जल से अलग हो जाते हैं।

प्रश्न 9 – स्वच्छता और रोग के बीच संबंध को समझाइए।

उत्तर :- स्वच्छता और रोग का आपस में गहरा संबंध है। गंदगी एवं दूषित पेयजल विभिन्न बीमारियों का कारण बनते हैं। इससे एक नहीं घर के सभी लोग बीमार होंगे। एक से दूसरे में बीमारी फैलने का संकट होगा। यदि स्वच्छता होगी तो कोई बीमारी नहीं होगी। इसलिए हमें स्वच्छता की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

प्रश्न 10 – स्वच्छता के संदर्भ में एक सक्रिय नागरिक के रूप में अपनी भूमिका को समझाइए।

उत्तर :- नगरपालिका या ग्राम पंचायत को गंदगी, कूड़ा–कर्कट की सूचना देना। कोई भी गंदगी रास्ते में ना गिराए इसलिए कूड़े दानी की व्यवस्था करना। साफ जगह और लोगों को स्वास्थ्य के लिए जागरूक करना। सफाई करने में लोगों की सहायता करना।

प्रश्न 11 – प्रस्तुत वर्ग पहेली को दिए गए संकेतों कि सहायता से हल कीजिए:-

संकेत :-

बाएं से दाएंऊपर से नीचे
2. वाहित मल उपचार संयत्र से प्राप्त गैसीय उत्पाद।1. जल उपचार में रोगाणु नाशन के लिए प्रयुक्त होने वाला एक रसायन।
4. इस प्रक्रम में प्रदूषित जल से वायु को गुजारा जाता है।3. वह सूक्ष्मजीव जो ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में जैव पदार्थों का विघटन करते है।
6. वाहित मल ले जाने वाले पाइपों की व्यवस्था।5. संदूषित जल।
8. उपयोग के बाद नालियों में बहता जल।6. वह स्थान, जहां  वाहित मल से प्रदूषक पृथक किए जाते है।
 9. अनेक व्यक्ति इसका विसर्जन खुले स्थानों में करते है।

उत्तर:- 1. ओजोन

2. बायोगैस

3. जीवाणु

4. वातन

5. अपशिष्ट जल

6. उपचार संयत्र

7. सीवर

8. वाहित मल

9. मल

प्रश्न 12 – ओज़ोन के बारे में निम्नलिखित वक्तव्यों को ध्यानपूर्वक पढ़िए :-

(क) यह सजीव जीवों के श्वसन के लिए अनिवार्य है।

(ख) इसका उपयोग जल को रोगाणु रहित करने के लिए किया जाता है।

(ग) यह पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेती है।

(घ) वायु में इसका अनुपात लगभग 3% हैं।

इनमें से कौन से वक्तव्य सही है।

(i) (क), (ख) और (ग)

(ii) (ख) और (ग)

(iii) (क) और (ग)

(iv) सभी चारों

उत्तर :- (ii) (ख) और (ग)

Ncert Solutions For Class 7 Science Chapter 17 Hindi Medium

 कक्षा : 7

विषय : विज्ञान
अध्याय : 17 वन: हमारी जीवन रेखा

पाठ से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1 – यदि वन लुप्त हो जाएँ, तो क्या होगा ?

उत्तर :- यदि वन लुप्त हो गए तो वायु में कार्बनडाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ेगी, जिससे पृथ्वी का ताप बढ़ेगा। पेड़ों और पादपों की अनुपस्थिति में जीवों को खादय और आश्रय नहीं मिलेगा। पेड़ों की अनुपस्थिति में मृदा, जल को नहीं बाँध पाती है, जिससे बाढ़ आती है। हमारे जीवन और वातावरण के लिए वन अपरोपण घातक है।

अभ्यास :-

प्रश्न 1 -समझाइए कि वन में रहने वाले जन्तु किस प्रकार वनों की वृद्धि करने और पुनर्जनन में सहायक होते हैं।

उत्तर :-  निम्न तरीकों से वन में रहने वाले जंतु वन की वृद्धि करने और पुनर्जनन में सहायक होते हैं। ये जंतुओं के अपशिष्ट पदार्थ जैसे गोबर आदि को सूक्ष्मजीव सरल अवयवों में विभाजित कर देते हैं। मृदा को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं तथा पौधों की वृद्धि एवं विकास में सहायक होते हैं। ये जंतुओं और पादपों के कार्बनिक अपशिष्ट पदार्थ मृदा को ह्यूमस प्रदान करते हैं। यह वनों की वृद्धि एवं पुनर्जनन में सहायता करते हैं। जंतु कुछ पादपों के बीजों को बिखरने में मदद करते हैं और इस प्रकार ये पौधों की वृद्धि और पुर्नजनन में सहायक होते हैं ।

प्रश्न 2 – समझाइए कि वन बाढ़ की रोकथाम कैसे करते हैं ?

उत्तर :- वृक्षों की जड़े जल के रिसाव में सहायता करती है। वृक्षों के कारण ही मृदा जल को बांधे रखती है और बाढ़ को रोकती है। वन वर्षा जल के प्राकृतिक अवशोषक होते है। जब बारिश का पानी पेड़ों और पौधों की पत्तियों पर गिरता है, तो यह सीधे जमीन पर नहीं गिरता है। यह धीरे-धीरे वन भूमि पर टपकता है और बाढ़ को रोकता है।

प्रश्न 3 – अपघटक किन्हें कहते हैं ? किन्हीं दो अपघटकों के नाम बताइए। ये वन में क्या कार्य करते हैं ?

उत्तर :- पादपों एवं जंतुओं के मृत शरीर को ह्यूमस में परिवर्तन करने वाले सूक्ष्म जीव, अपघटक कहलाते हैं। जीवाणु एवं कवक अपघटक हैं। ये वन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये वन में अपघटक पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति को बनाए रखते हैं।

प्रश्न 4 – वायुमंडल में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के बीच संतुलन बनाए रखने में वनों की भूमिका को समझाइए।

उत्तर :- पेड़–पौधे सूर्य के प्रकाश में प्रकाश–संश्लेषण की क्रिया द्वारा ऑक्सीजन छोड़ते हैं। वे वायुमंडल में ऑक्सीजन और कार्बनडाइऑक्साइड के संतुलन को भी बनाए रखते हैं। इस क्रिया के दौरान पौधे वायुमंडल से कार्बनडाइऑक्साइड का अवशोषण भी करते हैं। पौधों द्वारा छोड़ी गई ऑक्सीजन का उपयोग सभी जीवधारी श्वसन के लिए करते हैं। जीवधारियों द्वारा विमुक्त कार्बनडाइऑक्साइड पौधे पुन: ग्रहण करके ऑक्सीजन छोड़ते हैं। इस प्रकार वन वायुमंडल में कार्बनडाइऑक्साइड तथा ऑक्सीजन के बीच संतुलन बनाए रखते हैं।

प्रश्न 5 – समझाइए कि वनों में कुछ भी व्यर्थ क्यों नहीं होता है ?

उत्तर :- वन विभिन्न प्रकार जंतुओं के लिए आश्रय प्रदान करते हैं। जंतुओं के अपशिष्ट पदार्थ जैसे गोबर तथा वृक्षों की गली–सड़ी पत्तियाँ मृदा को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं। यह पौधों की वृद्धि एवं विकास में सहायक हैं। मृत जंतु भी गिद्धों, कौओं, गीदड़ों, कुत्तों तथा कीटों का भोजन बन जाते हैं। अपघटक भी उनके मरे हुए अवशेषों को ह्युमस में बदल देते है जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है। इस प्रकार वनों में कुछ भी व्यर्थ नहीं होता।

प्रश्न 6 – ऐसे पाँच उत्पादों के नाम बताइए, जिन्हें हम वनों से प्राप्त करते हैं ?

उत्तर :- औषधियाँ, लकड़ी, गोंद, शहद और सीलिंग मोम।

प्रश्न 7 – रिक्त – स्थानों की पूर्ति कीजिए :-

(क) कीट, तितलियाँ, मधुमक्खियाँ और पक्षी, पुष्पीय पादपों को ___ में सहायता करते हैं।

(ख) वन ___ और ____ को परिशुद्ध करते हैं।

(ग) शाक वन में _____परत बनाते हैं।

(घ) वन में क्षयमान पत्तियाँ और जन्तुओं की लीद ____को समृद्ध करते हैं ।

उत्तर :- (क) कीट, तितलियाँ, मधुमक्खियाँ और पक्षी, पुष्पीय पादपों को परागण में सहायता करते हैं।

(ख) वन जल और हवा को परिशुद्ध करते हैं।

(ग) शाक वन में निम्न परत बनाते हैं।

(घ) वन में क्षयमान पत्तियाँ और जन्तुओं की लीद मृदा को समृद्ध करते हैं ।

प्रश्न 8 – हमें अपने से दूर वनों से संबंधित परिस्थितियों और मुद्दों के विषय में चिंतित होने की आवश्यकता क्यों है ?

उत्तर :- वन मानव जीवन को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। वन वर्षा लाते हैं तथा बाढ़ को भी रोकते हैं। ये वायुमंडल में ऑक्सीजन एवं कार्बनडाइऑक्साइड के बीच संतुलन भी बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वनों से महत्वपूर्ण उत्पाद प्राप्त होते हैं जो जीवन के लिए अनिवार्य हैं। वन खाद्य श्रृंखलाओं का भी भाग होते है। इसलिए हमें अपने से दूर वनों से संबंधित परिस्थितियों और मुद्दों के विषय में चिंतित होने की आवश्यकता है।

प्रश्न 9 – समझाइए कि वनों में विभिन्न प्रकार के जंतुओं और पादपों के होने की आवश्यकता क्यों है

उत्तर :- वन में विभिन्न किस्म के पौधे एवं जंतु पाये जाते है। वन में पाये जाने वाले पादप बहुत से शाकाहारी जंतुओं को भोजन एवं आश्रय प्रदान करते हैं। बहुत बड़ी संख्या में शाकाहारी जीवों की उपस्थिति मांसाहारी जंतुओं के लिए भोजन की उपलब्धता को सुनिश्चित करती है। वन में जंतुओं की विभिन्न किस्में पौधों की वृद्धि एवं पुनर्जनन में सहायक होती है। अपघटक पौधों एवं जंतुओं के कार्बनिक पदार्थों को ह्यूमस में तोड़कर लगातार मृदा को आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति करते हैं। इस प्रकार वन एक गतिक सजीव इकाई है जो जीवन और जीवन क्षमता से भरपूर है।

प्रश्न 10 – चित्र 17.15 में चित्रकार, चित्र को नामांकित करना और तीरों द्वारा दिशा दिखाना भूल गया है। तीरों पर दिशा  को दिखाइए और चित्र कम निम्नलिखित नामों द्वारा नामांकित करिए :-

बादल, वर्षा, वायुमंडल, कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सीजन, पादप, जंतु, मृदा, अपघटक, मूल, भीमजल स्तरा।

उत्तर:-

प्रश्न 11 -निम्नलिखित में से कौन -सा वन उत्पाद नहीं है ?

(i) गोंद

(ii) प्लाईवुड

(iii) सील करने की लाख

(iv) कैरोसीन

उत्तर :- (घ) कैरोसीन

प्रश्न 12 – निम्नलिखित में से कौन -सा वक्तव्य सही नहीं है ?

(i) वन, मृदा को अपरदन से बचाते हैं।

(ii) वन में पादप और जन्तु एक -दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं।

(iii) वन जलवायु और जलचक्र को प्रभावित करते हैं।

(iv) मृदा, वनों की वृद्धि और पुनर्जनन में सहायक होती है।

उत्तर:- (ख) वन में पादप और जन्तु एक – दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं।

प्रश्न 13 – सूक्ष्मजीवों द्वारा मृत पादपों पर क्रिया करने से बनने वाले एक उत्पाद का नाम है –

(i) बालू

(ii) मशरूम

(iii) ह्यूमस

(iv) काष्ठ

उत्तर :- (ग) ह्यूमस

Ncert Solutions For Class 7 Science Chapter 16 Hindi Medium

 

कक्षा : 7

विषय : विज्ञान
अध्याय : 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन

प्रश्न 1 – निम्नलिखित वक्तव्य ‘ सत्य ‘ हैं अथवा ‘ असत्य’ :-

(क) भौमजल विश्वभर की नदियों और झीलों में पाए जाने वाले जल से कहीं अधिक है।

(ख) जल की कमी की समस्या का सामना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी करते हैं।

(ग) नदियों का जल खेतों में सिंचाई का एकमात्र स्रोत कणों है।

(घ) वर्षा जल का चरम स्रोत है।

उत्तर :- (क) भौमजल विश्वभर की नदियों और झीलों में पाए जाने वाले जल से कही अधिक है। (सत्य)  

(ख) जल की कमी की समस्या का सामना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी करते हैं। (असत्य)

(ग) नदियों का जल खेतों में सिंचाई का एकमात्र स्रोत है। (असत्य)

(घ) वर्षा जल का चरम स्रोत है। (सत्य)

प्रश्न 2 – समझाइए कि भौमजल की पुन:पूर्ति किस प्रकार होती है ?

उत्तर :- वर्षाजल और अन्य स्रोतों, जैसे नदियों और तालाबों का जल मृदा से रिसकर भूमि के नीचे गहराई में रिक्त स्थानों और दरारों को भर देता है। भूमि में जल का रिसाव अंत : स्यंदन कहलाता है। इस प्रक्रम द्वारा भौमजल की पुनः पूर्ति होती है।

प्रश्न 3 – किसी गली में पचास घर हैं, जिनके लिए दस नलकूप (ट्यूबवेल) लगाए गए हैं। भौमजल स्तर पर इसका दीर्घावधि प्रभाव क्या होगा ?

उत्तर :- भूमिगत जल का लगातार उपयोग करने के कारण भौमजल कम हो जायेगा तथा इससे भौमजल स्तर में गिरावट आ जाएगी।

प्रश्न 4 – मान लीजिए आपको किसी बगीचे का रख–रखाव करने की जिम्मेदारी दी जाती है। आप जल का सदुपयोग करने के लिए क्या कदम उठाएंगे ?

उत्तर :- जल की बचत के लिए हम सिंचाई की ड्रिप विधि का उपयोग करेंगे। ड्रिप विधि सिंचाई की वह विधि है जिसमें पौधों की जड़ों में पतले पाइपों की सहायता से पानी पहुंचाया जाता है। हम बिना वजह पानी का बहाव नहीं करेंगे।

प्रश्न 5 – भौमजल स्तर के नीचे गिरने के लिए उत्तरदायी कारकों को समझाइए।

उत्तर :- भौमजल स्तर के नीचे गिरने के लिए निम्नलिखित कारक उत्तरदायी हैं :-

(क) बढ़ती हुई जनसंख्या :– बढ़ती हुई जनसंख्या को निर्माण कार्य के लिए बड़ी मात्रा में जल की आवश्यकता होती है। परन्तु पक्के फर्श होने के कारण भूमि में जल का रिसाव बहुत कम जो पाता है। इसके कारण भौमजल स्तर में गिरावट होती है।

(ख) बढ़ते हुए उद्योग – जल का उपयोग सभी उद्योगों द्वारा किया जाता है। अधिकांश उद्योगों द्वारा उपयोग किया जाने वाला जल भूमि से निकाला जाता है। इसके कारण भौमजल स्तर में गिरावट होती है।

(ग) कृषि कार्य – कृषि कार्यों के लिए ट्यूबवैलों (नलकूपों) की सहायता से भूमिगत जल को निकाला जाता है। इसके कारण भौमजल स्तर में गिरावट होती है।

(घ) कुप्रबंधन – जल का कुप्रबंधन भी भौमजल स्तर में प्रश्न गिरावट के लिए उत्तरदायी है।

प्रश्न 6 – रिक्त स्थानों की उचित शब्द भरकर पूर्ति कीजिए :-

(क) भौमजल प्राप्त करने लिए ___ तथा ___ का उपयोग होता है।

(ख) जल की तीन अवस्थाएं ___ , ____  और ____ है।

(ग) भूमि की जल धारण करने वाली परत ____ कहलाती है।

(घ) भूमि में जल के अवसवण के प्रक्रम को ____ कहते हैं।

उतर :- (क) भौमजल प्राप्त करने लिए में नलकूपों तथा हैंडपंपों का उपयोग होता है।

(ख) जल की तीन अवस्थाएं ठोस ,द्रव और गैस है।

(ग) भूमि की जल धारण करने वाली परत जलधर कहलाती है।

(घ) भूमि में जल के अवसवण के प्रक्रम को अंत: स्यंदन कहते हैं।

प्रश्न 7 – निम्नलिखित में से कौन – सा कारक जल की कमी के लिए उत्तरदायी नहीं है ?

(क) औद्योगीकरण में वृद्धि

(ख) बढ़ती जनसंख्या

(ग) अत्यधिक वर्षा

(घ) जल संसाधनों का कुप्रबंधन

उत्तर :- (ग) अत्यधिक वर्षा

प्रश्न 8 – सही विकल्प का चयन कीजिए :-

(क) विश्व की सभी झीलों और नदियों में जल की कुल मात्रा नियत (स्थिर) रहती है।

(ख) भूमिगत जल की कुल मात्रा नियत रहती है।

(ग) विश्व के समुन्द्रों और महासागरों में जल की कुल मात्रा नियत है।

(घ) विश्व में जल की कुल मात्रा नियत है।

उत्तर :- (घ) विश्व में जल की कुल मात्रा नियत है।

प्रश्न 9 – भौमजल और भौमजल स्तर को दिखाते हुए चित्र बनाइए। उसे चित्रित भी कीजिए।

उत्तर :-