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एनसीईआरटी समाधान कक्षा 9 विज्ञान (Ncert Solutions class 9 Science in Hindi)

📘✨ कक्षा 9 विज्ञान – एनसीईआरटी समाधान (हिंदी माध्यम)

🔍 2025–26 सत्र के लिए अध्यायवार हल – NCERT / CBSE के अनुसार


📖 अध्यायवार सूची ✅

🔢 अध्याय

📚 अध्याय का नाम

1️⃣

🌫️ हमारे आस-पास के पदार्थ

2️⃣

🧂 क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं

3️⃣

⚛️ परमाणु एवं अणु

4️⃣

🔬 परमाणु की संरचना

5️⃣

🧫 जीवन की मौलिक इकाई

6️⃣

🧵 ऊतक

7️⃣

🌿 जीवों में विविधता

8️⃣

🌀 गति

9️⃣

🧲 बल तथा गति के नियम

🔟

🌍 गुरुत्वाकर्षण

1️⃣1️⃣

कार्य तथा ऊर्जा

1️⃣2️⃣

🔊 ध्वनि

1️⃣3️⃣

🤒 हम बीमार क्यों होते हैं

1️⃣4️⃣

🌱 प्राकृतिक संपदा

1️⃣5️⃣

🌾 खाद्य संसाधनों में सुधार


📝 विशेषताएँ:

  • ✔️ एनसीईआरटी पुस्तक पर आधारित सटीक समाधान

  • ✔️ सरल भाषा में व्याख्या

  • ✔️ परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी

  • ✔️ हिंदी माध्यम विद्यार्थियों के लिए आदर्श

  • ✔️ कक्षा 9 के सभी अध्यायों को कवर किया गया



NCERT Solutions for Class 9 Science in Hindi Medium Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार प्रश्न और उत्तर

 खाद्य संसाधनों में सुधार 

पेज नंबर : 229

प्रश्न1. अनाज, दाल, फल तथा सब्जियों से हमें क्या प्राप्त होता है?

उत्तर: अनाज जैसे : गेहूं, चावल, बाजरा आदि से हमें कार्बोहाइड्रेट प्राप्त होते हैं।

दालें जैसे : उड़द, मटर, मूंग आदि से हमें प्रोटीन प्राप्त होती है।

फल और सब्जियों से हमें विटामिन और खनिज लवण तथा कुछ मात्रा में प्रोटीनवसा तथा कार्बोहाइड्रेट भी प्राप्त होते हैं।

पेज नंबर : 230

प्रश्न1. जैविक तथा अजैविक कारक किस प्रकार फसल उत्पादन को प्रभावित करते हैं ?

उत्तर: जैविक (रोग कीट तथा निमेटोड) कारक फसलों के बीजों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जिससे की फसल की पैदावार कम होगी।

तथा अजैविक (सूखा, ठंड, गर्मी, पाला आदि) भी पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे फसल ज्यादा नहीं हो पाती।

प्रश्न2. फसल सुधार के लिए ऐच्छिक सस्य विज्ञान गुण क्या हैं?

उत्तर: चारे वाली फसलों के लिए लंबी और सघन शाखाएं ऐच्छिक गुण है क्योंकि उनसे भूसा अधिक निर्मित होगा।

लेकिन अनाज प्राप्त करने के लिए पौधों का लंबा होना जरूरी नहीं। इसलिए वहां छोटे लेकिन अधिक बीज पैदा करने वाले पौधों की आवश्यकता होगी।

साथ ही ऐसी पौधों की भी आवश्यकता है जो जल्दी खराब ना होते अर्थात दिन में बीमारियां कम लगती हो।

पेज नंबर : 230

प्रश्न1. वृहत् पोषक क्या हैं और इन्हें वृहत्-पोषक क्यों कहते हैं?

उत्तर: वृहत पोषक वे 16 पोषक तत्व होते हैं जो पौधों के विकास और वृद्धि के लिए भारी मात्रा में आवश्यक होते हैं। जैसे: हवा से कार्बन तथा ऑक्सीजन, पानी से हाइड्रोजन और शेष 13 मिट्टी से प्राप्त होते है।

पौधों को 6 पोषक तत्त्व- नाइट्रोजन, फोसफोरस, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नेशियम, और सल्फर अधिक मात्रा में आवश्यक होते हैं जिन्हें वृहत पोषक कहते हैं।

प्रश्न2. पौधे अपना पोषक कैसे प्राप्त करते हैं?

उत्तर: पौधे अपना पोषक पदार्थ हवा, पानी तथा मिट्टी से प्राप्त करते हैं।

पेज नंबर : 232

प्रश्न1. मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए खाद तथा उर्वरक के उपयोग की तुलना कीजिए।

उत्तर: खाद: १. खाद से कार्बनिक पदार्थों की अधिक मात्रा मिट्टी की संरचना में सुधार करती है।

२. खाद मिट्टी को को पोषकों तथा कार्बनिक पदार्थों से परिपूर्ण करती है।

उर्वरता: १. उर्वरक का स्तत प्रयोग मिट्टी की उर्वरता को घटाता है।

२. इसके उपयोग से सूक्ष्मजीवों एवं भूमिका जीवो का जीवन चक्र अवरुद्ध हो जाता है।

पेज नंबर : 235

प्रश्न1. निम्नलिखित में से कौन-सी परिस्थिति में सबसे अधिक लाभ होगा? क्यों ? 

(a) किसान उच्च कोटि के बीज का उपयोग करें, सिंचाई ना करें अथवा उर्वरक का उपयोग ना करें। 

(b) किसान सामान्य बीजों का उपयोग करें, सिंचाई करें तथा उर्वरक का उपयोग करें।

(c) किसान अच्छी किस्म के बीज का प्रयोग करें, सिंचाई करें, उर्वरक का उपयोग करें तथा फसल सुरक्षा की विधियाँ अपनाएँ।

उत्तर: (c) किसान अच्छी किस्म के बीज का प्रयोग करें, सिंचाई करें, उर्वरक का उपयोग करें तथा फसल सुरक्षा की विधियाँ अपनाएँ।

क्योंकि जब किसान अच्छे किस्म के बीजों का प्रयोग करेगा, फसल को समय पर पानी देगा और उर्वरक का प्रयोग करेगा। तो फसल की सुरक्षा और उत्पादन में वृद्धि होगी।

पेज नंबर : 235

प्रश्न1. फसल की सुरक्षा के लिए निरोधक विधियाँ तथा जैव नियंत्रण क्यों अच्छा समझा जाता है?

उत्तर: क्योंकि इन विधियों को अपनाना सरल है और इन विधियों से पीड़क मर जाते हैं।

प्रश्न2. भंडारण की प्रक्रिया में कौन-से कारक अनाज की हानि के लिए उत्तरदायी हैं?

उत्तर: भंडारण की प्रक्रिया में अनाज की हानि के लिए दो कारक उत्तरदाई हैं:

१. जैविक: कवक, कीट, जीवाणु आदि।

२. अजैविक: नमी, ताप आदि।

पेज नंबर :  236

प्रश्न1. पशुओं की नस्ल सुधार के लिए प्रायः कौन-सी विधि का उपयोग किया जाता है और क्यों?

उत्तर: पशु की नस्ल सुधार के लिए संकरण विधि का प्रयोग किया जाता है।

क्योंकि इससे उत्पन्न संतति में सारे अच्छे गुण होते हैं जो हमें चाहिए।

पेज नंबर : 237

प्रश्न1. निम्नलिखित कथन की विवेचना कीजिए- “यह रुचिकर है कि भारत में कुक्कुट, अल्प रेशे के खाद्य पदार्थों को उच्च पोषकता वाले पशु प्रोटीन आहार में परिवर्तन करने के लिए सबसे अधिक सक्षम है। अल्प रेशे के खाद्य पदार्थ मनुष्यों के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं।”

उत्तर: कुक्कुट और ब्रौलर आहार में हमें प्रोटीन, वसा तथा विटामिन प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। मुर्गी पालन से हमें अंडे और मास मिलता है। इसलिए भारत कुक्कुट, अल्प रेशे के खाद्य पदार्थों को उच्च पोषकता वाले पशु प्रोटीन आहार में परिवर्तन करने में सबसे अधिक सक्षम है। अल्प रेशे के खाद्य पदार्थ मनुष्यों के लिए इसलिए उपयुक्त नहीं होते क्योंकि उनमें पौष्टिकता बहुत ही कम मात्रा में होती हैं। इसलिए कुक्कुट को आहार में मोटा चारा दिया जाता है और अंडे और मांस के रूप में अधिक पौष्टिक खाद्य पदार्थ हमें प्राप्त होते हैं।

पेज नंबर : 238

प्रश्न1. पशुपालन तथा कुक्कुट पालन के प्रबंधन प्रणाली में क्या समानता है?

उत्तर: पशुपालन तथा कुक्कुट पालन के प्रबंधन प्रणाली में निम्नलिखित समानता है:

१. दोनों से अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए कुछ प्रबंधन प्रणालीया बहुत आवश्यक है।

२. इनके आवास में उचित ताप तथा स्वच्छता का रखना अति आवश्यक है।

३. आहार अच्छी गुणवत्ता का होना चाहिए।

४. इनका रोगों के साथ-साथ पीड़ाको से बचा भी शामिल है।

प्रश्न2. ब्रौलर तथा अंडे देने वाली लेयर में क्या अंतर है। इनके प्रबंधन के अंतर को भी स्पष्ट करें।

उत्तर: अंडे देने वाली मुर्गियों को लेयर्स कहा जाता है।

जबकि ब्रौलर मांस के लिए होते हैं। ब्रौलर के आहार में प्रोटीन, वसा, विटामिन K तथा विटामिन A प्रचुर मात्रा में होती है।

पेज : 239

प्रश्न1. मछलियां कैसे प्राप्त करते हैं?

उत्तर: मछलियां दो प्रकार से प्राप्त की जाती है:

१. प्राकृतिक स्त्रोत जैसे: नदियों अथवा समुद्र से मछलियों को पकड़ना।

२. मछली पालन: स्वयं मछली पालना।

प्रश्न2. मिश्रित मछली संवर्धन के क्या लाभ है?

उत्तर: भिन्न-भिन्न मछलियां जल की अलग सतह पर रहती है जैसे कुछ मछलियां सतह पर, कुछ मध्य में तथा कुछ तल में रहती है। जिसके कारण उनमें आपस में स्पर्धा नहीं होती और एक ही तालाब में ज्यादा मछलियां पाल सकते हैं।

पेज : 240

प्रश्र1. मधु उत्पादन के लिए प्रयुक्त मधुमक्खी में कौन से ऐच्छिक गुण होने चाहिए?

उत्तर: मधु उत्पादन के लिए प्रयुक्त मधुमक्खी में निम्नलिखित ऐच्छिक गुण होने चाहिए:

१. बहुत डंक कम मारे।

२. मधु ज्यादा उत्पन्न करती हो।

३. और प्रजनन तीव्रता से करती हो।

प्रश्न2. चारागाह क्या है और यह मधु उत्पादन से कैसे संबंधित है?

उत्तर: मधु एकत्र करने के लिए उपलब्ध फूलों वाली जगह को चारागाह का कहते हैं।

मधुमक्खियां शहद फूलों के मकरंद से बनाते हैं। इस मकरंद की गुणवत्ता ही शहर की गुणवत्ता निर्धारित करती है। 

अभ्यास 

प्रश्र1. फसल उत्पादन की एक विधि का वर्णन करो जिससे अधिक पैदावार प्राप्त हो सके।

उत्तर: अंतराफसलीकरण: इस विधि में दो या दो से अधिक फसलों को एक ही खेत में अधिक पैदावार के लिए उगाया जाता है।

इस विधि में पौधों द्वारा जल, वायु, प्रकाश और पोषक तत्वों का अधिकतम उपयोग होता है। जिस कारण से प्रति हेक्टेयर में ज्यादा फसल प्राप्त होती है।

प्रश्न2. खेतों में खाद तथा उर्वरक का उपयोग क्यों करते हैं?

उत्तर: खेतों में खाद तथा उर्वरक का उपयोग आवश्यक तत्वों की पूर्ति के लिए किया जाता है। खाद में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा अधिक होती है जिसके कारण मिट्टी पानी को धारण कर पाती है। इस प्रकार खाद मिट्टी की उर्वरता को बनाती है।

उर्वरक नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। जो पौधों की का एक वृद्धि जैसे: फूल पत्तियां और शाखाओं में मददगार होती है। स्वस्थ पौधों की प्राप्ति के लिए भी उर्वरक का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न3. अंतराफसलीकरण तथा फसल चक्र के क्या लाभ हैं?

उत्तर: अंतराफसलीकरण तथा फसल चक्र दोनो सीमित भूमि में अधिक फसल उत्पन्न करने में मददगार हैं। 

अंतराफसलीकरण विधि पीड़ाको को एक प्रकार की फसल के सभी पौधों में फैलने से रोकता है।

जबकि फसल चक्र मृदा अपरदन को कम करता है। यह खरपतवार के नियंत्रण में भी मदद करता है। फसल चक्र की मदद से वर्ष में दो अथवा तीन फसलों से अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

प्रश्न4. आनुवंशिक फेरबदल क्या हैं? कृषि प्रणालियों में ये कैसे उपयोगी हैं?

उत्तर: आनुवंशिक फेरबदल : आनुवंशिक फेरबदल वह प्रक्रिया है जिसमें ऐच्छिक गुणों वाले जीन को एक कोशिका के गुणसूत्र में डाला जाता है। जिससे कि हमें वह अच्छी गुण उस कोशिका में भी प्राप्त हो जाते हैं।

यह कृषि प्रणालियों में कैसे उपयोगी है:
१. फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में।
२. फसलों की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए।
३. परिपक्व अवधि को कम करने में।

प्रश्न5. भंडार गृहों (गोदामों) में अनाज की हानि कैसे होती है?

उत्तर: भंडार गृहों (गोदामों) में अनाज की हानि के लिए जिम्मेदार कारक:
१. जैविक : जीवाणु, कीट, कवक आदि।
२. अजैविक : नमी व ताप आदि।

यह कारक फसल उत्पादन की गुणवत्ता को खराब कर देते हैं और अंकुरण करने की क्षमता को भी कम कर देते हैं। जिससे उत्पाद की कीमत में कमी आती है और किसानों को नुकसान झेलना पड़ता है।

प्रश्न6. किसानों के लिए पशु पालन प्रणालियाँ कैसे लाभदायक हैं?

उत्तर: किसानों के लिए पशु पालन प्रणालियाँ निम्नलिखित रूप से लाभदायक है:
१. दूध तथा कृषि कार्यों के लिए पशुओं।
२. बेहतर नस्ल पैदा करने के लिए।
३. सामान ढोने के लिए।

प्रश्न7. पशुपालन के क्या लाभ हैं?

उत्तर: पशुपालन के निम्नलिखित लाभ हैं:
१. पशु से हमें दूध प्राप्त होता है।
२. यह हमारी कृषि आदि कार्यों में भी बहुत मदद करते हैं।

प्रश्न8. उत्पादन बढ़ाने के लिए कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन तथा मधुमक्खी पालन में क्या समानताएं हैं?

उत्तर: उत्पादन बढ़ाने के लिए कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन तथा मधुमक्खी पालन में निमिनलिखित समानताएं हैं:
१. उचित प्रबंधन तकनीक का उपयोग।
२. फार्मो की नियमित साफ-सफाई।
३. उचित तापमान तथा रोगों से उपचार।

प्रश्न9. प्रग्रहण मत्सयन, मेरीकल्चर तथा जल संवर्धन में क्या अंतर है?

उत्तर: प्रग्रहण मत्सयन : प्राकृतिक स्त्रोतों से मछली पकड़ने की विधि को प्रग्रहण मत्सयन कहते हैं।

मेरीकल्चर : व्यवसायिक फायदे के लिए समुद्री मछलियों को पकड़ना मेरीकल्चर कहलाता है।

जल संवर्धन : आर्थिक मूल्यों के लिए जली जीवो का उत्पादन जल संवर्धन में आता हैं।

NCERT Solutions for Class 9 Science in Hindi Medium Chapter 14 प्राकृतिक संपदा प्रश्न और उत्तर

 प्राकृतिक संपदा 

पेज: 217

प्रश्न1. शुक्र और मंगल ग्रह के वायुमंडल से हमारा वायुमंडल कैसे भिन्न है?

उत्तर: पृथ्वी के वायुमंडल के मुख्य घटकों में कार्बन डाइऑक्साइड ऑक्सीजन नाइट्रोजन और जलवाष्प आदि का मिश्रण है, जो कि जीवन को बढ़ावा देते हैं।

जबकि शुक्र और मंगल जैसे ग्रहों में वायुमंडल के मुख्य घटकों में कार्बन डाइऑक्साइड (95-97%) है। जो कि वहां पर पृथ्वी जैसे जीवन पनपने की संभावना को कम कर देती है।

प्रश्न2. वायुमंडल एक कंबल की तरह कैसे कार्य करता है?

उत्तर: वायुमंडल में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड बाहर से ऊष्मा को पृथ्वी में प्रवेश तो करने देती है परंतु फिर से अंतरिक्ष में जाने से रोकती है। जिसके कारण रात के समय अचानक तापमान नहीं गिरता और धरती का तापमान नियंत्रित रहता है।

प्रश्न3. वायु प्रवाह (पवन) के क्या कारण है?

उत्तर: पृथ्वी के मुख्य दो घटक है मिट्टी और पानी। दिन के समय मिट्टी, पानी की तुलना में ज्यादा गर्म रहती है। जिसके कारण मिट्टी की सतह में मौजूद वायु भी गर्म हो होकर और ऊपर की ओर उठना शुरू हो जाती है। गरम वायु के ऊपर उठने की वजह से निम्न दाब का क्षेत्र बनता है जहां पर ठंडी वायु प्रवेश करने लगती है। और किस तरह से पवन प्रवाह होता है।

प्रश्र4. बादलों का निर्माण कैसे होता है?

उत्तर: दिन के समय सूर्य की गर्म करने जब पानी के स्त्रोत जैसे नदी, तालाब, समुद्र आदि में पड़ती है। तो जल वाष्प बनकर ऊपर की ओर उठता है। जैसे ही वाष्पित जल ऊपर पहुंचता है तो वहां का तापमान ठंडा होने के कारण वो फिर से छोटी छोटी जल की बूंदों में संघनित हो जाता है। और यही संघनित जल बादलों का रूप लेकर वर्षा करता है।

प्रश्न5. मनुष्य के तीन क्रियाकलापों का उल्लेख करें जो वायु प्रदूषण में सहायक है।

उत्तर: मनुष्य के तीन क्रियाकलापों जो वायु प्रदूषण में सहायक है:

१. औद्योगिक विस्तार।

२. वाहनों से निकलने वाला धुआं।

३. बिजली उत्पन्न करने के लिए उपयोग में लाए जा रहे कोयले से।

पेज: 219

प्रश्न1. जीवों को जल की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर: १. पदार्थों के संवहन के लिए।

२. कोशिकाओं को जीवित रखने के लिए।

प्रश्न2. जिस गांव/शहर/नगर में आप रहते हैं वहां पर उपलब्ध शुद्ध जल का मुख्य स्रोत क्या है ?

उत्तर: नदी।

प्रश्न3. क्या आप किसी क्रियाकलाप के बारे में जानते हैं जो इस पानी के स्रोत को प्रदूषित कर रहा है?

उत्तर: फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट को इस नदी में डाला जाता है। जो कि काफी खतरनाक है और इस नदी के पानी को प्रदूषित कर रहा है।

पेज: 222

प्रश्न1. मृदा (मिट्टी) का निर्माण कैसे होता है?

उत्तर: मिट्टी का निर्माण भूमि पर पाए जाने वाले बड़ी-बड़ी चट्टानों के विभिन्न प्रकार के भौतिक, रासायनिक और जैविक प्रक्रम द्वारा टूटने से होता है।

जो मुख्यत चार है:

सूर्य: जब सूर्य का ताप चट्टानों पर पड़ता है तो चट्टाने फैल जाती है और रात के समय जब सूर्य अस्त होता है। तब तापमान गिरने के कारण वही चट्टाने सिकुड़ने लगती है। इस तरह बार-बार फैलने और सिकुड़ने से चट्टानों में अनेक दरारे आ जाती हैं और छोटे-छोटे हिस्सों में बंट जाती है।

जल: जल मृदा निर्माण के लिए दो प्रकार से कार्य करता है:

१. बहता हुआ जल अपने साथ छोटे-छोटे कंकड़ धीर साथ लेकर चलता है जो बड़ी चट्टानों के साथ टकराकर और छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाते हैं और चट्टानों में भी अपक्षय के कारण मिट्टी का निर्माण होता है।

२. यही जल जब चट्टानों की दरारों में जाकर जम जाता है। तो उन दरारों को और चौड़ा कर देता है जिससे चट्टाने जल्दी टूट जाती है।

वायु: तेज हवाओं के चलने के कारण छोटे-छोटे कंकड़ आपस में टकराते हैं। जिससे वे वहीं मृदा में परिवर्तित होते हैं।
जीव: कुछ भी पत्थर की सतह पर जम जाते हैं और धीरे-धीरे उस चट्टान को महीन मृदा में परिवर्तित कर देते हैं।

प्रश्न2. मृदा अपरदन क्या है?

उत्तर: जल या वायु द्वारा मिट्टी की ऊपरी परत को उड़ाकर या बहाकर ले जाना ही मृदा अपरदन है।

प्रश्न3. अपरदन को रोकने और कम करने के कौन-कौन से तरीके हैं?

उत्तर: मृदा अपरदन को रोकने या कम करने के निम्नलिखित तरीके है:

१. वनों की अत्यधिक कटाई पर रोक लगाई जाए।

२. ज्यादा से ज्यादा वृक्षों को बोया जाए।

३. पशुओं के अत्यधिक चरने पर लगाम लगाई जाए।

पेज: 226

प्रश्न1. जल-चक्र के क्रम में जल की कौन-कौन सी अवस्थाएँ पाई जाती हैं?

उत्तर: जल-चक्र के क्रम में जल की तीन अवस्थाएं पाई जाती हैं: 

१. ठोस अवस्था ( बर्फ )

२. द्रविया अवस्था ( नदियों का पानी )

३. गैसीय अवस्था ( वाष्प )

प्रश्न2. जैविक रूप से महत्वपूर्ण दो यौगिकों के नाम दीजिए जिनमें ऑक्सीजन और नाइट्रोजन दोनों पाए जाते हों?

उत्तर: प्रोटीन, न्यूक्लीक अम्ल, डी.एन.ए. (DNA) और आर.एन.ए. (RNA) तथा कुछ विटामिन ।

प्रश्न3. मनुष्य की किन्हीं तीन गतिविधियों को पहचानें जिनसे वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है।

उत्तर:  मनुष्य की तीन गतिविधियां जिनसे वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है: 

१. फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं।

२. खाना पकाने के लिए इंधन का दहन।

३. गाड़ियों से निकलने वाला धुआं।

प्रश्न4. ग्रीन हाउस प्रभाव क्या है?

उत्तर: कुछ गैसे जैसे कि कार्बन डाइऑक्साइड सूर्य से गर्मी को पृथ्वी में तो आने देती है। पर बाहर नहीं जाने देती है। जिससे कि पृथ्वी का औसत तापमान बढ़ जाता है। इस प्रकार के प्रभाव को ग्रीन हाउस प्रभाव कहते हैं।

प्रश्न5. वायुमंडल में पाए जाने वाले ऑक्सीजन के दो रूप कौन-कौन से हैं?

उत्तर: वायुमंडल में पाए जाने वाले ऑक्सीजन के दो रूप: पहला O2 ऑक्सीजन का द्विपरमाण्विक अणु, और दूसरा O3 ओजोन है।

अभ्यास

प्रश्न1. जीवन के लिए वायुमंडल क्यों आवश्यक है?

उत्तर: वायुमंडल दिन के समय तापमान को अचानक बढ़ने से रोकता है और रात को ऊष्मा को बाहरी अंतरिक्ष में जाने से रोकता है, ताकि तापमान अचानक से ना गिर जाए। इस प्रकार वायुमंडल पूरे वर्ष तापमान को लगभग एक समान बनाए रखता है। 

वायुमंडल जीवो को जीने के लिए वायु भी प्रदान करता है और मौसम संबंधी सभी प्रक्रियाएं भी वायुमंडल में ही होती है।

प्रश्न2. जीवन के लिए जल क्यों अनिवार्य है?

उत्तर: अधिकतर कोशिकीय प्रक्रियाए जलीय माध्यम से ही होती है। क्योंकि वह प्रक्रिया है तभी संपन्न होती है जब वह जल में घुली हो।

शरीर में संवहन भी जल द्वारा ही होता है क्योंकि ज्यादातर पदार्थ जल में आसानी से घुल जाते हैं और जल के साथ शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक पहुंच जाते हैं।

प्रश्न3. जीवित प्राणी मृदा पर कैसे निर्भर हैं? क्या जल में रहने वाले जीव संपदा के रूप में मृदा से पूरी तरह स्वतंत्र हैं?

उत्तर: मृदा में वनस्पति और पेड़ पौधे उगते हैं जो हमें अनेक प्रकार की खाद्य सामग्री प्रदान करते हैं। अगर हमें कृषि करनी है तब भी हमें कृषि या घर बनाने है, तब भी हमें मिट्टी की ही जरूरत पड़ेगी।

यह कहना उचित नहीं होगा की जल में रहने वाले जीव संपदा के रूप में मृदा से पूरी तरह स्वतंत्र है। क्योंकि जल में रहने वाले जीव भी उर्जा के लिए काफी हद तक हरे पेड़ पौधों पर ही आश्रित होते हैं। और इन पेड़ पौधों को उगने के लिए मिट्टी ही चाहिए। 

प्रश्न4. आपने टेलीविजन पर और समाचारपत्र में मौसम संबंधी रिपोर्ट को देखा होगा। आप क्या सोचते हैं कि हम मौसम के पूर्वानुमान में सक्षम हैं?

उत्तर: जी हां, पवनों के पैटर्न का अध्ययन करने के बाद हम मौसम के पूर्वानुमान के संबंध में भविष्यवाणी कर सकते हैं।

इस पैटर्न द्वारा हमें वर्षा होने या ना होने, पवनों की गति, तापमान आदि के बारे में काफी जानकारी मिल जाती है।

प्रश्न5. हम जानते हैं कि बहुत-सी मानवीय गतिविधियाँ वायु, जल एवं मृदा के प्रदूषण स्तर को बढ़ा रहे हैं। क्या आप सोचते हैं कि इन गतिविधियों को कुछ विशेष क्षेत्रों में सीमित कर देने से प्रदूषण के स्तर को घटाने में सहायता मिलेगी ?

उत्तर: नहीं हमें नहीं लगता की कुछ विशेष क्षेत्रों में इन गतिविधियों को सीमित कर देने से प्रदूषण के स्तर को घटाने में सहायता मिलेगी।

क्योंकि यह स्त्रोत एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं अगर इनमें से किसी एक को भी नुकसान होता है तो उसका असर दूसरे स्त्रोत में भी देखने को मिलता है।

उदाहरण के लिए अगर कानून एक साइड की मात्रा बढ़ जाए तो वायु प्रदूषित हो जाएगी जिससे ग्रीन हाउस प्रभाव देखने को मिलेगा और अचानक विश्व का तापमान बढ़ जाएगा। तो इस तरह वायु प्रदूषण ने पूरी धरती को ही प्रभावित किया है।

प्रश्न6. जंगल, वायु, मृदा तथा जलीय स्रोत की गुणवत्ता को कैसे प्रभावित करते हैं?

उत्तर: १. जंगल मृदा अपरदन को रोकने में मदद करते हैं।

२. जंगल के वृक्ष वाष्पोत्सर्जन की प्रक्रिया द्वारा अत्यधिक मात्रा में जलवाष्प उत्सर्जित करते हैं। यही वाष्पित जल वर्षा के रूप में धरती पर बरसता हैं।

३. जंगल के वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन के अनुपात को बनाए रखते हैं।