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NCERT Solutions Class 8 Science (Hindi Medium)

 

NCERT Solutions for Class 8 Science in Hindi

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Ncert Solutions Class 8 Science Chapter 18 in Hindi Medium

 कक्षा : 8

विषय : विज्ञान
पाठ : 18
 वायु तथा जल का प्रदूषण

अभ्यास

प्रश्न 1 – किन विभिन्न विधियों द्वारा जल का संदूषण होता है ?

उत्तर :-  विभिन्न विधियां जल को संदूषित करती है ; जैसे:-

(क) जल में वाहित मल, विषैले रसायन, कूड़ा-करकट जैसे हानिकारक पदार्थ जल में मिलाए जाते हैं।

(ख) नदी में लोगों को स्नान करते, कपड़े धोते, मल- मूत्र त्यागते देखा जा सकता है।

(ग) पूजा सामग्री, जैव अनिम्नीकरणीय पॉलिथीन की थैलियां फेंकते है।

(घ) जल में कुछ ऐसे पदार्थ भी मिला देते है जो उसकी गुणवत्ता को कम करके उसके रंग और गंध को भी बदल देते है।

प्रश्न 2 – व्यक्तिगत स्तर पर आप वायु प्रदूषण को कम करने में कैसे सहायता कर सकते है?

उत्तर :- वायु प्रदूषण को कम करने के निम्नलिखित कारण है :-

(क) हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाने चाहिए।

(ख) निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करना चाहिए।

(ग) त्योहारों या शादी जैसे अवसर पर पटाखे नहीं जलाने चाहिए।

(घ) कूड़ा कचरों को नहीं जलाना चाहिए।

(ङ) पड़ोस में लगे वृक्षों का पोषण करना चाहिए।

प्रश्न 3 – स्वच्छ, पारदर्शी जल सदैव पीने योग्य होता है। टिप्पणी कीजिए।

उत्तर :- स्वच्छ और पारदर्शी पानी का मतलब है कि उसमें किसी भी तरह की अशुद्धता और सूक्ष्मजीव मौजूद नहीं हैं। किसी भी तरह की अशुद्धता आदि से मुक्त पानी पीने योग्य है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि देखने में जो जल स्वच्छ प्रतीत होता है उसमें रोग–वाहक सूक्ष्मजीव तथा घुले हुए अपद्रव्य न हो। इसलिए पीने से पहले जल को शुद्ध करना आवश्यक है। हम जल को उबालकर शुद्ध कर सकते हैं।

प्रश्न 4 – आप अपने शहर की नगरपालिका के सदस्य हैं। ऐसे उपायों की सूची बनाइए जिससे नगर के सभी निवासियों को स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

 उत्तर :- स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित उपाय पर प्रकार है:-

(क) जल को फ़िल्टर करना चाहिए। यह उपद्रव्यों को दूर करने की एक भौतिक विधि है।

(ख) पानी को उबालकर पीना चाहिए जिससे जल में उपस्थित जीवाणु मर जाते हैं।

(ग) जल को शुद्ध करने की सामान्य रासायनिक विधि क्लोरीनीकरण है। यह जल में क्लोरीन की गोलियाँ अथवा विरंजक चूर्ण मिलाकर किया जाता है। हमें क्लोरीन की गोलियों को निर्दिष्ट मात्रा से अधिक नहीं डालना चाहिए।

(घ) पानी वाली जगह भी साफ- स्वच्छ होनी चाहिए।

(ङ) पुराने और सड़ने वाले आपूर्ति पाइपों को बदल देना चाहिए।

(च) लोगों को भी किस तरह पानी स्वच्छ रखना है, कैसे प्रयोग करना है इसके बारे में जागरूक करना चाहिए।

प्रश्न 5 – शुद्ध वायु तथा प्रदूषित वायु में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर :- हम सब जानते है कि वायु हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है, हम एक बार भोजन के बिना रह सकते है लेकिन वायु के बिना हम कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकते। इसलिए हमें यह जरूर पता होना चाहिए कि कौन-सी वायु हमारे लिए शुद्ध है और कौन–सी प्रदूषित। इसमें निम्नलिखित अंतर है :-

जैसा कि हम जानते है कि वायु गैसों का मिश्रण है। आयतन के अनुसार शुद्ध वायु में इस मिश्रण का लगभग 78% नाइट्रोजन, तथा लगभग 21% ऑक्सीजन है। कार्बन डाइऑक्साइड, ऑर्गन, मैथेन तथा जलवाष्प भी वायु में अल्प मात्रा में उपस्थित है। प्रदूषित वायु और शुद्ध वायु को समझने का एक प्रेक्षण यह भी है कि वायुमंडल में धुएं की मात्रा में अंतर होता है। जैसे:- उद्योगों व स्वचालित वाहनों से निकले धुएं के मिल जाने से भिन्न-भिन्न स्थानों के वायुमंडल की प्रकृति एवं संघटन में बदलाव आ जाता है। जब वायु ऐसे अनचाहे पदार्थों के द्वारा संदूषित हो जाती है तो यह सजीव तथा निर्जीव दोनों के लिए हानिकारक है जो प्रदूषित वायु कहलाती है। कभी-कभी ये प्रदूषक प्राकृतिक स्रोतों जैसे ज्वालामुखी का फटना, वनों में लगने वाली आग से उठा धुआँ अथवा धूल द्वारा आ सकते हैं। वाहन अधिक मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड तथा धुआँ उत्पन्न करते हैं। पेट्रोल तथा डीजल जैसे ईंधनों के अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड उत्पन्न होती है। यह एक विषैली गैस है। यह रुधिर में ऑक्सीजन वाहक क्षमता को घटा देती है।

प्रश्न 6 – उन अवस्थाओं की व्याख्या कीजिए जिनसे अम्ल वर्षा होती है। अम्ल वर्षा हमें कैसे प्रभावित करती है ?

उत्तर :- रबड़ प्रक्रमण, स्वचालित वाहन रसायन और विशेषकर मथुरा तेल परिष्करणी जैसे उद्योग सल्फर डाइऑक्साइड तथा नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसे प्रदूषकों को उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी रहे हैं। ये गैसे वायुमंडल में उपस्थित जलवाप्प से अभिक्रिया करके सल्फ्यूरिक अम्ल तथा नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं। ये वर्षा को अम्लीय बनाकर वर्षा के साथ पृथ्वी पर बरस जाते हैं। इसे अम्ल वर्षा कहते हैं। अम्ल वर्षा के कारण स्मारक के संगमरमर का संक्षारण होता है।

प्रश्न 7 – निम्नलिखित में से कौन सी पौधा घर गैस नहीं है ?

(क) कार्बन डाइऑक्साइड

(ख) सल्फर डाइऑक्साइड

(ग) मेथेन

(घ) नाइट्रोजन

उत्तर :- सल्फर डाइऑक्साइड।

प्रश्न 8 – पौधा-घर प्रभाव का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।

उत्तर :- सूर्य की किरणें वायुमंडल से गुजरने के पश्चात् पृथ्वी की सतह को गरम करती है। पृथ्वी पर पड़ने वाले सूर्य के विकिरणों का कुछ भाग पृथ्वी अवशोषित कर लेती है जिसमें कार्बन-डाई-ऑक्साइड, ओजोन, मेथेन, जल वाष्प शामिल है और कुछ भाग परावर्तित होकर वापस अंतरिक्ष में लौट जाता है। परावर्तित विकिरणों का कुछ भाग वायुमंडल में रुक जाता है। ये रुका हुआ विकिरण पृथ्वी को और गरम करता है। सूर्य की ऊष्मा पौधा घर में प्रवेश तो कर जाती है पर इससे बाहर नहीं निकल पाती। यही रुकी हुई ऊष्मा पौधा घर को गरम करती है। पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा रोके गए विकिरण यही कार्य करते हैं। यही कारण है कि उसे पौधा घर प्रभाव (Green House effect) कहते हैं। इस प्रक्रम के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं हो सकता है। अब यह प्रक्रम जीवन के लिए खतरा बन गया है।

प्रश्न 9 – आपके द्वारा कक्षा में विश्व ऊष्णन के बारे में दिया जाने वाला संक्षिप्त भाषण लिखिए।

उत्तर :- विश्व ऊष्णन विश्वव्यापी सरकारों के लिए विचारणीय विषय बन गया है। विश्व ऊष्णन सबके लिए एक गंभीर संकट बना हुआ है। इसका पूरा प्रभाव वर्षा–प्रतिरूप, कृषि, वन, पौधें तथा जंतुओ पर होते हैं। हिमालय के गंगोत्री हिमनद विश्व ऊष्णन के कारण पिघलने शुरु हो गए थे। सब जानते है विश्व ऊष्णन के ज़िम्मेदार हम मानव ही है। वायुमंडल के औसत ताप की वृद्धि निरंतर बनी हुई तो जिसमें मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड तथा जलवाष्प जैसी अन्य गैसें इस प्रभाव में योगदान करती है। विश्व ऊष्णन के कारण कई स्थानों पर तटीय प्रदेश जलमग्न हो चुके है। हमें इसके प्रभाव और हमारी गतिविधियां जिससे विश्व ऊष्णन हो रहा है हमें रोक लगाने की जरूरत है क्योंकि कोई यह वृद्धि 2°C तक बढ़ी तो यह संकटकारी स्तर है।

प्रश्न 10 – ताजमहल की सुन्दरता पर संकट का वर्णन कीजिए।

उत्तर :-  पर्यटकों को सर्वाधिक आकर्षित करने वाला भारत के आगरा शहर में स्थित ताजमहल, चिंता का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों ने यह चेतावनी दी है कि वायु प्रदूषक इसके सफ़ेद संगमरमर को बदरंग कर रहे हैं। इसके चरो ओर स्थित रबड़ प्रक्रमण, स्वचालित वाहन, रसायन और विशेषकर मथुरा तेल परिष्करणी जैसे उद्योग सल्फर डाइऑक्साइड तथा नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसे प्रदूषकों को उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी रहे हैं। ये गैसें वायुमंडल में उपस्थित जलवाष्प से अभिक्रिया करके सल्फयूरिक अम्ल तथा नाइट्रिक अम्ल बनती है। ये वर्षा को अम्लीय बनाकर वर्षा के साथ पृथ्वी पर बरस जाते है। इसे अम्ल वर्षा कहते हैं। इस परिघटना को संगमरमर कैंसर भी कहते है। मथुरा तेल परिष्करणी से उत्सर्जित काजल कण जैसे निलंबित कणों को ताजमहल को पीला कर देता है। अम्ल वर्षा के कारण ताजमहल की सुंदरता को खतरा होता है।

प्रश्न 11 – जल में पोषकों के स्तर में वृद्धि किस प्रकार जल जीवों की उत्तरजीविता को प्रभावित करती है ?

उत्तर :- हमने कई ऐसे तलाबों को देखा है जो दूर से देखने पर हरे प्रतीत होते है क्योंकि बहुत से शैवाल उसमें उग रहे होते हैं। यह उर्वरकोँ में उपस्थित नाइट्रेट एवं फास्फेटों जैसे रसायनों की आधिक्य मात्राओं के कारण होता है। ये रसायन शैवालों को फलने–फूलने के लिए पोषक की भांति कार्य करते हैं। जब ये शैवाल मर जाते हैं तो जीवणु जैसे घटकों के लिए भोजन का कार्य करते हैं। ये अत्यधिक ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं। इससे जल में ऑक्सीजन के स्तर में कमी आ जाती है जिससे जलीय प्रभावित होते हैं, वे मर जाते हैं।

पाठ के बीच में पूछे जाने वाले अन्य प्रश्न

प्रश्न – मुझे फसलों वाला अध्याय याद आता है। मैं हैरान हूँ कि क्या अम्लीय वर्षा खेतों की मिट्टी (मृदा) तथा पौधों को भी प्रभावित करती है।

उत्तर :- हां, अम्लीय वर्षा खेतों की मिट्टी (मृदा) तथा पौधों को सीधे प्रभावित करती तो जिससे कृषि की उपज कम हो जाती है और मिट्टी की गुणवत्ता को भी यह कम कर देती है।

प्रश्न – परन्तु वायुमंडल में CO2 , की मात्रा कैसे बढ़ती है और इसका आधिक्य कैसे हो जाता है ?

उत्तर :- पौधे प्रकाश संश्लेषण के लिए वायुमंडल से CO2 का उपयोग करते है जिसके कारण वायु में CO2 की मात्रा कम हो जाती है परन्तु वनोन्मूलन के कारण वायु में CO2 की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि CO2 की खपत करने वाले वृक्षों की संख्या घट जाती है। CO2 ऊष्मा को रोक लेती है और उसे वायुमंडल में नहीं जाने देती। इस प्रकार वायुमंडल के औसत ताप में निरंतर आधिक्य होता जा रहा है।

Ncert Solutions Class 8 Science Chapter 17 in Hindi Medium

 कक्षा : 8

विषय : विज्ञान
पाठ : 17 तारे एवं सौर परिवार

अभ्यास

प्रश्न 1 – 3 में सही उत्तर का चयन कीजिए :-

प्रश्न 1 – निम्नलिखित में से कौन सौर परिवार का सदस्य नहीं है ?

(क) क्षुद्रग्रह

(ख) उपग्रह

(ग) तारामंडल

(घ) धूमकेतु

उत्तर :- उपग्रह।

प्रश्न 2 – निम्नलिखित में कौन सूर्य का ग्रह नहीं है ?

(क) सीरियस

(ख) बुध

(ग) शनि

(घ) पृथ्वी

उत्तर :- सीरियस

प्रश्न 3 – चंद्रमा की कलाओं के घटने का कारण यह है कि

(क) हम चंद्रमा का केवल वह भाग ही देख सकते हैं जो हमारी ओर प्रकाश को परावर्तित करता है।

(ख) हमारी चंद्रमा से दूरी परिवर्तित होती रहती है।

(ग) पृथ्वी की छाया चंद्रमा के पृष्ठ के केवल कुछ भागों को ही ढकती है।

(घ) चंद्रमा के वायुमंडल की मोटाई नियत नहीं है।

उत्तर :- हम चंद्रमा का केवल वह भाग ही देख सकते हैं जो हमारी ओर प्रकाश को परावर्तित करता है।

प्रश्न 4 – रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :-

(क) सूर्य से सबसे अधिक दूरी वाला ग्रह___है।

(ख) वर्ण में रक्ताभ प्रतीत होने वाला ग्रह___है।

(ग) तारों के ऐसे समूह को जो कोई पैटर्न बनाता है___कहते हैं।

(घ) ग्रह की परिक्रमा करने वाले खगोलीय पिंड को___कहते हैं।

(ङ) शूटिंग स्टार वास्तव देख___नहीं है।

(च) क्षुद्र ग्रह___तथा___की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं।

उत्तर :-

(क) सूर्य से सबसे अधिक दूरी वाला ग्रह नेप्ट्यून है।

(ख) वर्ण में रक्ताभ प्रतीत होने वाला ग्रह मंगल है।

(ग) तारों के ऐसे समूह को जो कोई पैटर्न बनाता है तारामंडल कहते हैं।

(घ) ग्रह की परिक्रमा करने वाले खगोलीय पिंड को उपग्रह कहते हैं।

(ङ) शूटिंग स्टार वास्तव में तारा नहीं है।

(च) क्षुद्र ग्रह  मंगल तथा बृहस्पति  की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं।

प्रश्न 5 – निम्नलिखित कथनों पर सत्य (T) अथवा असत्य (F) अंकित कीजिए:-

(क) ध्रुव तारा सौर परिवार का सदस्य है। ( )

(ख) बुध सौर परिवार का सबसे छोटा ग्रह है। ( )

(ग) यूरेनस सौर परिवार का दूरतम ग्रह है। ( )

(घ) INSAT एक कृत्रिम उपग्रह है। ( )

(ङ) हमारे सौर परिवार में नौ ग्रह हैं। ( )

(च) ‘ओरॉयन’ तारामंडल केवल दूरदर्शक द्वारा देखा जा सकता है। ( )

उत्तर :-

(क) ध्रुव तारा सौर परिवार का सदस्य है। (F)

(ख) बुध सौर परिवार का सबसे छोटा ग्रह है। (T)

(ग) यूरेनस सौर परिवार का दूरतम ग्रह है। (F)

(घ) INSAT एक कृत्रिम उपग्रह है। (T)

(ङ) हमारे सौर परिवार में नौ ग्रह हैं। (F)

(च) ‘ओरॉयन’ तारामंडल केवल दूरदर्शक द्वारा देखा जा सकता है। (F)

प्रश्न 6 – स्तंभ । के शब्दों का स्तंभ II  के एक या अधिक पिंड या पिंडों के समूह से उपयुक्त मिलान कीजिए:-

स्तंभ I                            स्तंभ II

(क) आंतरिक ग्रह            शनि

(ख) बाह्य ग्रह                 ध्रुवतारा

(ग) तारामंडल                 सप्तर्षि

(घ) पृथ्वी के उपग्रह          चन्द्रमा

                                       पृथ्वी

                                     ओरॉयन

                                    मंगल

उत्तर :- 

स्तंभ I                स्तंभ II

(क) आंतरिक ग्रह      मंगल, पृथ्वी

(ख) बाह्य ग्रह                शनि

(ग) तारामंडल          सप्तर्षि, ओरॉयन

(घ) पृथ्वी के उपग्रह        चंद्रमा

प्रश्न 7 – यदि शुक्र सांध्य तारे के रूप में दिखाई दे रहा है तो आप इसे आकाश के किस भाग में पाएँगे ?

उत्तर :- यदि शुक्र सांध्य तारे के रूप में दिखाई दे रहा है तो हम इसे आकाश पश्चिम भाग में पाएँगे।

प्रश्न 8 – सौर परिवार के सबसे बड़े ग्रह का नाम लिखिए।

उत्तर :– बृहस्पति।

प्रश्न 9 – तारामण्डल क्या होता है ? किन्हीं दो तारामण्डलों के नाम लिखिए।

उत्तर :– तारामंडल :– पहचाने जाने योग्य आकृतियों वाले तारों के समूह को तारामंडल कहते हैं। उदाहरण के लिए ग्रेट बियर (सप्तर्षि), ओरॉयन।

प्रश्न 10 – (i) सप्तर्षि तथा (ii) ओरॉयन तारामंडल के प्रमुख तारों की आपेक्षिक स्थितियां दर्शाने के लिए आरेख खींचिए।

उत्तर:-

सप्तर्षि                                       
ओरॉयन तारामंडल

प्रश्न 11 – ग्रहों के अतिरिक्त सौर परिवार के अन्य दो सदस्यों के नाम लिखिए।

उत्तर :- क्षुद्रग्रह, धूमकेतु, उल्काएं, प्राकृतिक उपग्रह।

प्रश्न 12 – व्याख्या कीजिए कि सप्तर्षि की सहायता से ध्रुव तारे की स्थिति आप कैसे ज्ञात करेंगे ?  

उत्तर :- ध्रुव तारे की स्थिति को ज्ञात करने के लिए हमें गर्मियों में रात्रि के समय लगभग 9 बजे तब देखना चाहिए जब आकाश में चंद्रमा न हो। जैसा कि चित्र 17.13 में हम दोनों तारों से गुजरने वाली एक सरल रेखा देख रहे हैं। हमें इस रेखा को कल्पना से ही उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ाना है जिसके दो तारों के बीच की दूरी लगभग पांच गुना है। यह रेखा एक ऐसे तारें पर पहुँचती है जो अधिक चमकीला नहीं है। यह ध्रुव तारा है।

प्रश्न 13 – क्या आकाश में सारे तारे गति करते हैं ? व्याख्या कीजिए।

उत्तर :- नहीं आकाश में सारे तारें गति नहीं करते हैं। तारे पूर्व से पश्चिम की ओर गति करते हुए प्रतीत होते हैं। कोई तारा जो सूर्यास्त होते ही पूर्व में उदय होता है। सामान्यत: सूर्योदय से पहले ही पश्चिम में अस्त हो जाता है।

प्रश्न 14 – तारों के बीच की दूरियों को प्रकाश वर्ष में क्यों व्यक्त करते हैं ? इस कथन से क्या तात्पर्य है कि कोई तारा पृथ्वी से आठ प्रकाश वर्ष दूर है ?

उत्तर :– प्रकाश वर्ष एक बड़ी इकाई है तथा समान दूरी प्रकाश वर्ष में व्यक्त की जाती है। यदि कोई तारा पृथ्वी से आठ प्रकाश वर्ष दूर स्थित है तो तारे तथा पृथ्वी के बीच की दूरियों को प्रकाश वर्ष में यात्रा करेगा।

प्रश्न 15 – बृहस्पति की त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या की 11 गुनी है। बृहस्पति तथा पृथ्वी के आयतनों का अनुपात परिकलित कीजिए। बृहस्पति में कितनी पृथ्वियाँ समा सकती हैं ?

उत्तर :-

माना पृथ्वी की त्रिज्या = r  मीटर  

तो बृहस्पति की त्रिज्या = 11r मीटर

पृथ्वी का आयतन = 4/3 π(r)3

बृहस्पति का आयतन = 4/3 π(11r)3

बृहस्पति में समाने वाली पृथ्वी = 4/3π (11r)3/ 4/3πr3

                                     = 4/3 π × 1331r3/ 4/3π×r3

                                     = 1331

प्रश्न 16 – बूझो ने सौर परिवार का निम्नलिखित आरेख खींचा। क्या यह आरेख सही है ? यदि नहीं, तो इसे संशोधित कीजिए।

उत्तर :- नहीं, यह आरेख सही नहीं है।

प्रश्न – अंतरिक्ष से देखने पर सौरमंडल का एक ग्रह नीला दिखाई देता है। उस ग्रह का नाम क्या है और क्या इस पर जीवन पाया जाता है ?

उत्तर :- सौरमंडल का नीले रंग का ग्रह शनि है। नहीं इस ग्रह पर जीवन नहीं पाया जाता।

Ncert Solutions Class 8 Science Chapter 16 in Hindi Medium

 कक्षा : 8

विषय : विज्ञान
पाठ : 16 प्रकाश

अभ्यास :-

प्रश्न 1 – मान लीजिए आप एक अंधेरे कमरे में हैं। क्या आप कमरे में वस्तुओं को देख सकते हैं? क्या आप कमरे के बाहर वस्तुओं को देख सकते हैं ? व्याख्या कीजिए।

उत्तर :- नहीं, हम अंधेरे कमरे में वस्तुओं को नहीं देख सकते, इसका कारण यह है कि कमरे में उस समय कोई प्रकाश नहीं होता। हम किसी वस्तु को तब ही देख पाते हैं जब उस वस्तु से आने वाला प्रकाश हमारे नेत्रों में प्रवेश करें। यह प्रकाश वस्तुओं द्वारा उत्सर्जित अथवा उनसे परावर्तित हुआ हो सकता है।

प्रश्न 2 – नियमित तथा विसरित परावर्तन में अंतर बताइए। क्या विसरित परावर्तन का अर्थ है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं?

उत्तर :- जब सभी समांतर किरणें किसी खुरदुरे या अनियमित पृष्ठ से परावर्तित होने के पश्चात् समांतर नहीं होती, तो ऐसे परावर्तन को विसरित परावर्तन कहते हैं। विसरित परावर्तन में भी परावर्तन के नियमों का सफलतापूर्वक पालन होता है। प्रकाश का विसरण गत्ते जैसे विषय परावर्ती पृष्ठ पर अनियमितताओं के कारण होता है। इसके विपरीत दर्पण जैसे चिकने पृष्ठ से होने वाले परावर्तन को नियमित परावर्तन कहते हैं।

प्रश्न 2 – निम्न में से प्रत्येक के स्थान के सामने लिखिए, यदि प्रकाश की एक समांतर किरण – पुंज इनसे टकराए तो नियमित परावर्तन होगा या विसरित परावर्तन होगा। प्रत्येक स्थिति में अपने उत्तर का औचित्य बताइए।

(क) पॉलिश युक्त लकड़ी की मेज

(ख) चॉक पाऊडर

(ग) गत्ते का पृष्ठ

(घ) संगमरमर के फर्श पर फैला जल

(ङ) दर्पण

(च) कागज़ का टुकड़ा

उत्तर :- (क) पॉलिश युक्त लकड़ी की मेज :- नियमित परावर्तन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि लकड़ी की मेज का पृष्ठ पॉलिश होने के साथ साथ समतल भी है।

(ख) चॉक पाऊडर :- विसरित परावर्तन क्योंकि चाक पाऊडर रुक्ष पृष्ठ प्रदान करता है।

(ग) गत्ते का पृष्ठ :- विसरित परावर्तन, पृष्ठ पर उपस्थित अनियमितताओं के कारण।

(घ) संगमरमर के फर्श पर फैला जल :-  नियमित परावर्तन क्योंकि जल से समतल पृष्ठ बन जाता है।

(ड़) दर्पण :-  नियमित परावर्तन क्योंकि इसका पृष्ठ समतल है।

(च) कागज़ का टुकड़ा :- नियमित यदि कागज समतल है और विसरित यदि कागज रुक्ष है।

प्रश्न 4 – परावर्तन के नियम बताइए।

उत्तर :– आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है। आपतित किरण , आपतन बिंदु पर अभिलंब तथा परावर्तित किरण ये सभी एक ही तल में होते हैं।

प्रश्न 5 – यह दर्शाने के लिए कि आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर अभिलंब एक हो तल में होते हैं, एक क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए।

उत्तर :- जब हम मेज पर कागज की पूरी शीट फैलाते हैं तो यह एक तल को निरूपित करती है। आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलम्ब तथा परावर्तित किरण ये सभी इसी तल में होते हैं। जब हम कागज को मोड़ देते हैं तो एक नया तल बन जाता है जो उस तल से भिन्न होता है जिसमें आपतित किरण तथा अभिलम्ब स्थित है। तब आप परावर्तित किरण नहीं देख पाते। यही दर्शाता है कि आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलंब तथा परावर्तित किरण ये सभी एक एक तल में होते हैं।

प्रश्न 6 – नीचे दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :-

(क) एक समतल दर्पण के सामने 1m दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिंब से ___m दूर दिखाई देता है।

(ख) यदि किसी समतल दर्पण के सामने खड़े होकर आप अपने दाएं हाथ से अपने ___कान को छुएं तो दर्पण में ऐसा लगेगा कि आपका दायां कान ___हाथ से छुआ गया है।

(ग) जब आप मंद प्रकाश में देखते है तो आपकी पुतली का साइज़ ____हो जाता है।

(घ) रात्रि पक्षियों के नेत्रों मैं शलाकाओं की संख्या की अपेक्षा शंकुओं की संख्या____होती है।

उत्तर:-

(क) एक समतल दर्पण के सामने 1m दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिंब से 1 m  दूर दिखाई देता है।

(ख) यदि किसी समतल दर्पण के सामने खड़े होकर आप अपने दाएं हाथ से अपने बाएं कान को छुएं तो दर्पण में ऐसा लगेगा कि आपका दायां कान बाएं हाथ से छुआ गया है।

(ग) जब आप मंद प्रकाश में देखते है तो आपकी पुतली का साइज़ विस्तृत हो जाता है।

(घ) रात्रि पक्षियों के नेत्रों मैं शलाकाओं की संख्या की अपेक्षा शंकुओं की संख्या अधिक होती है।

प्रश्न 7 – तथा 8 में सही विकल्प छांटिए:-

प्रश्न 7 – आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है:-

(क) सदैव (ख) कभी–कभी

(ग) विशेष दशाओं में (घ) कभी नहीं

उत्तर :- सदैव

प्रश्न 8 – समतल दर्पण द्वारा बनाया गया प्रतिबिंब होता है :-

(क) आभासी, दर्पण के पीछे तथा आवर्धित।

(ख) आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिम्ब के साइज़ के बराबर।

(ग) वास्तविक, दर्पण के पृष्ठ पर तथा आवर्धित।

(घ) वास्तविक, दर्पण के पीछे तथा बिम्ब के साइज़ के बराबर।

उत्तर :- आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिम्ब के साइज़ के बराबर।

प्रश्न 9 – कैलाइडोस्कोप की रचना का वर्णन कीजिए।

उत्तर :- एक दूसरे से किसी कोण पर रखे दर्पणों द्वारा अनेक प्रतिबिंबों के बनने की धारणा का उपयोग बहुमुर्तिदर्शी में भांति-भांति के आकर्षक पैटर्न बनाने के लिए किया जाता है। इसे बनाने के लिए दर्पण की लगभग 15cm लम्बी, 4 cm चौड़ी तीन आयताकार पट्टी लीजिए। हमें इन्हें एक प्रिज्म की आकृति में जोड़ना है। इन्हें गत्ते या मोटे चार्ट पेपर की बनी एक बेलनाकार ट्यूब के एक सिरे को गत्ते की एक ऐसी डिस्क से बंध करना है जिसमें भीतर का दृश्य देखने के लिए एक छिद्र बना हो। डिस्क को टिकाऊ बनाने के लिए इसके नीचे पारदर्शी प्लास्टिक की शीट चिपका दीजिए। ट्यूब के दूसरे सिरे पर समतल कांच की एक वृताकार प्लेट दर्पणों को छूते हुए दृढ़तापूर्वक लगाइए। इस प्लेट पर छोटे-छोटे रंगीन कांच के कुछ टुकड़े रखिए। ट्यूब के इस सिरे को घिसे हुए कांच की प्लेट से बंद कीजिए। रंगीन टुकड़ो की हलचल के लिए पर्याप्त जगह रहने के बाद कैलाइडोस्कोप तैयार हो जाएगा।

प्रश्न 10 – मानव नेत्र का एक नामांकित रेखाचित्र बनाइए।

उत्तर:-  

प्रश्न 11 – गुरमीत लेजर टॉर्च के द्वारा क्रियाकलाप 16.8 को करना चाहता था। उसके अध्यापक ने ऐसा करने से मना किया। क्या अध्यापक की सलाह के आधार की व्याख्या कर सकते हैं ?

उत्तर :- अध्यापक ने ऐसा करने से इसलिए मना किया क्योंकि लेजर टॉर्च की किरणों की वजह से रेटिना पर बुरा प्रभाव पड़ता है। अधिक प्रकाश होने के कारण आँखें ख़राब हो सकती हैं।

प्रश्न 12 – वर्णन कीजिए कि आप अपने नेत्रों की देखभाल कैसे करेंगे।

उत्तर :- यह आवश्यक होता है कि हमें नेत्रों की उचित देखभाल करनी चाहिए। यदि कोई समस्या है तो आपको किसी नेत्र विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए। यदि परामर्श दिया जाए तो उचित चशमे का उपयोग कीजिए। नेत्रों के लिए बहुत कम या बहुत अधिक प्रकाश हानिकारक है। अपर्याप्त प्रकाश से नेत्र खिंचाव तथा सरदर्द हो सकता है। सूर्य या किसी शक्तिशाली प्रकाश स्त्रोत को सीधा नहीं देखना चाहिए। अपनी आँखों को कभी भी मत रगडिए। यदि आपके आँखों में किसी प्रकार से धूल के कण चले जाते हैं तो उसको स्वच्छ पानी से धोना चाहिए। अगर तब भी धूल के कण न निकले तो, डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

प्रश्न 13 – यदि परावर्तित किरण आपत्तित किरण से 90° का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा?

उत्तर:- यदि परावर्तित किरण आपत्तित किरण से 90° का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान 45° होगा।

प्रश्न 14 – यदि दो समांतर समतल दर्पण एक दूसरे से 40cm  के अंतराल पर रखे हो तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ती के कितने प्रतिबिंब बनेगे?

उत्तर:- यदि दो समांतर समतल दर्पण एक दूसरे से 40cm  के अंतराल पर रखे हो तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ती के अनंत प्रतिबिंब बनेगे।

प्रश्न 15 – दो दर्पण एक दूसरे के लंबवत रखे है। प्रकाश कि एक किरण एक दर्पण पर 30° के कोण पर आपतित होती है जैसा कि चित्र 16.19 में दर्शाया गया है। दूसरे दर्पण से परावर्तित होने वाली परावर्तित किरण बनाइए।

उत्तर :-  छात्र उत्तर स्वयं करें।

प्रश्न 16 – चित्र 16.20 में दर्शाए अनुसार बूझो एक समतल दर्पण के ठीक सामने पार्श्व से कुछ हटकर एक किनारे A पर खड़ा होता है। क्या वह स्वयं को दर्पण में देख सकता है? क्या वह P, Q तथा R पर स्थित वस्तुओ के प्रतिबिंब भी देख सकता है?

उत्तर:-  

नहीं, वह स्वयं को दर्पण में नहीं देख पाएगा। वह P, Q पर स्थित वस्तुओं के प्रतिबिंब को तो देख सकता है लेकिन वह R पर स्थित वस्तुओं के प्रतिबिंब नहीं देख सकता।

प्रश्न 17 – (क) A पर स्थित किसी वस्तु के समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिंब की स्थिति ज्ञात कीजिए।

(ख) क्या स्थिति से पहेली प्रतिबिंब को देख सकती है?

(ग) क्या स्थिति से बूझो इस प्रतिबिंब को देख सकता है?

(घ) जब पहेली से पर चली जाती है तो का प्रतिबिंब किस ओर खिसक जाता है?

उत्तर:- छात्र A का प्रतिबिंब बनाने की कोशिश करें।