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NCERT Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 4 Electoral Politics (Hindi Medium)



 NCERT Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 4 Electoral Politics (Hindi Medium)


These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Social Science in Hindi Medium. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 4 Electoral Politics.

प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

प्रश्न 1. चुनाव क्यों होते हैं, इस बारे में इनमें से कौन-सा वाक्य ठीक नहीं है?

(क) चुनाव लोगों को सरकार के कामकाज का फैसला करने का अवसर देते हैं।

(ख) लोग चुनाव में अपनी पसंद के उम्मीदवार का चुनाव करते हैं।

(ग) चुनाव लोगों को न्यायपालिका के कामकाज का मूल्यांकन करने का अवसर देते हैं।

(घ) लोग चुनाव से अपनी पसंद की नीतियाँ बना सकते हैं।

उत्तरः (ग) गलत

प्रश्न 2. भारत के चुनाव लोकतांत्रिक हैं, यह बताने के लिए इनमें कौन-सा वाक्य सही कारण नहीं देता?

(क) भारत में दुनिया के सबसे ज़्यादा मतदाता हैं।

(ख) भारत में चुनाव आयोग काफी शक्तिशाली है।

(ग) भारत में 18 वर्ष से अधिक उम्र का हर व्यक्ति मतदाता है।

(घ) भारत में चुनाव हारने वाली पार्टियाँ जनादेश स्वीकार कर लेती है।

उत्तरः (क) यह बताने का सही कारण नहीं है कि भारत के चुनाव लोकतांत्रिक हैं।

प्रश्न 3. निम्नलिखित में मेल हूँदें:

उत्तरः

प्रश्न 4. इस अध्याय में वर्णित चुनाव संबंधी सभी गतिविधियों की सूची बनाएँ और इन्हें चुनाव में सबसे पहले किए जाने वाले काम से लेकर आखिर तक के क्रम में सजाएँ। चुनाव घोषणा पत्र जारी करना, वोटों की गिनती, मतदाता सूची बनाना, चुनाव अभियान, चुनाव नतीजों की घोषणा, मतदान, पुनर्मतदान के आदेश, चुनाव प्रक्रिया की घोषणा, नामांकन दाखिल करना।

उत्तरः चुनाव संबंधी क्रियाकलापों की सूची चरणबद्ध तरीके से नीचे दी गई है।

1. मतदाता सूची बनाना

2. चुनाव प्रक्रिया की घोषणा

3. नामांकन दाखिल करना

4. चुनाव घोषणा पत्र जारी करना

5. चुनाव अभियान

6. मतदान

7. पुनर्मतदान के आदेश

8. वोटों की गिनती

9. चुनावी नतीजों की घोषणा

प्रश्न 5. सुरेखा एक राज्य विधानसभा क्षेत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने वाली अधिकारी है। चुनाव के इन चरणों में उसे किन-किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।

(क) चुनाव प्रचार

(ख) मतदान के दिन

(ग) मतगणना के दिन

उत्तरः

(क) चुनाव प्रचार : इसके लिए सुरेखा को यह सुनिश्चित करना होगा कि उम्मीदवार निम्नलिखित न करें:


मतदाताओं को रिश्वत/घूस अथवा धमकी देना।


जाति अथवा धर्म के नाम पर वोट देने की अपील करना।


चुनाव अभियान के लिए सरकारी संसाधनों का प्रयोग करना।


लोकसभा चुनाव हेतु चुनाव क्षेत्र में 25 लाख रुपए तथा विधानसभा चुनाव में 10 लाख रूपए से अधिक खर्च करना।


चुनाव प्रचार हेतु पूजा स्थलों का प्रयोग करना।।


मंत्रीगणों द्वारा सरकारी वाहनों, हवाई जहाजों एवं कर्मचारियों का चुनाव हेतु प्रयोग।


(ख) मतदान के दिन : इस दिन सुरेखा को यह सुनिश्चित करना होगा कि चुनावी गड़बड़ी, मतदान केन्द्रों पर कब्जा न हो।

(ग) वोटों की गिनती का दिन : इस दिन सुरेखा को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी उम्मीदवारों के एजेन्ट वोटों की सुचारू रूप से गणना सुनिश्चित करने के लिए वहाँ मौजूद हैं।

प्रश्न 6. नीचे दी गई तालिका बताती है कि अमेरिकी कांग्रेस के चुनावों के विजयी उम्मीदवारों में अमेरिकी समाज के विभिन्न समुदाय के सदस्यों का क्या अनुपात था। ये किस अनुपात में जीते। इसकी तुलना अमेरिकी समाज में इन समुदायों की आबादी के अनुपात से कीजिए। इसके आधार पर क्या आप अमेरिकी संसद के चुनाव में भी आरक्षण का सुझाव देंगे? अगर हाँ, तो क्यों और किस समुदाय के लिए? अगर नहीं, तो क्यों?

उत्तरः उपरोक्त तालिका के आधार पर हिस्पैनिक समुदाय के लिए आरक्षण एक अच्छा विचार है। उनकी

जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है।

प्रश्न 7. क्या हम इस अध्याय में दी गई सूचनाओं के आधार पर निम्नलिखित निष्कर्ष निकाल सकते | हैं? इनमें सभी पर अपनी राय के पक्ष में दो तथ्य प्रस्तुत कीजिए।

(क) भारत के चुनाव आयोग को देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करा सकने लायक पर्याप्त अधिकार नहीं हैं।

(ख) हमारे देश के चुनाव में लोगों की जबर्दस्त भागीदारी होती है।

(ग) सत्ताधारी पार्टी के लिए चुनाव जीतना बहुत आसान होता है।

(घ) अपने चुनावों को पूरी तरह से निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाने के लिए कई कदम उठाने ज़रूरी हैं।

उत्तरः

(क) नहीं। यह सच नहीं है। वास्तव में चुनाव आयोग भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने में पर्याप्त रूप से शक्तिशाली है। यह चुनाव आचार संहिता लागू करता है तथा इसका उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों या दलों को सजा देता है। चुनावी ड्यूटी के दौरान कर्मचारी चुनाव आयोग के अधीन कार्य करता है न कि सरकार के।

(ख) हाँ, यह सच है। चुनावों में लोगों की भागीदारी प्रायः मतदान करने वाले लोगों के आँकड़ों से मापी जाती है। मतदान प्रतिशत योग्य मतदाताओं में से वास्तव में मतदान करने वाले लोगों के प्रतिशत को दर्शाता है। पिछले 50 वर्षों के दौरान भारत में मतदान प्रतिशत या तो स्थिर रहा है या वास्तव में बढ़ा है। भारत में आम लोग चुनावों को अत्यधिक महत्त्व प्रदान करते हैं। उनका मानना है कि चुनावों द्वारा वे राजनैतिक दलों पर अपने अनुकूल नीति और कार्यक्रमों के लिए दबाव डाल सकते हैं। उन्हें लगता है कि देश के शासन-संचालन के तरीके में उनके वोट का महत्त्व है।

(ग) नहीं, यह सच नहीं है। सत्ताधारी दल भी निरंतर चुनाव हारते आए हैं। ऐसे उम्मीदवार जो अधिक पैसा खर्च करने के लिए जाने जाते हैं, वे प्रायः चुनाव हार जाते हैं।

(घ) हाँ, यह सच है। सुधार किया जाना आवश्यक है क्योंकि कुछ दल एवं उम्मीदवार जिनके पास अधिक पैसा है उन्हें चुनाव में अनुचित लाभ मिलता है। देश के कुछ भागों में आपराधिक छवि वाले लोग अन्य लोगों को चुनावी दौड़ में पछाड़ कर मुख्य दलों से चुनाव का टिकट पाने में सफल हो जाते हैं।

प्रश्न 8. चिनप्पा को दहेज के लिए अपनी पत्नी को परेशान करने के जुर्म में सजा मिली थी। सतबीर को छुआछूत मानने का दोषी माना गया था। दोनों को अदालत ने चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी। क्या यही फैसला लोकतांत्रिक चुनावों के बुनियादी सिद्धातों के खिलाफ़ जाता है? अपने उत्तर के पक्ष में तर्क दीजिए।

उत्तरः यह निर्णय लोकतांत्रिक चुनावों के बुनियादी सिद्धांतों के विरूद्ध नहीं है क्योंकि चिन्नपा व सतबीर दोनों ही अपराधी हैं तथा देश के लिए अच्छे तथा आदर्श नागरिक सिद्ध नहीं हुए। इसलिए, उन्हें केन्द्र अथवा राज्य सरकार में कोई पद धारण नहीं करने देना चाहिए क्योंकि उनमें परिवार तथा समाज के प्रति कोई सम्मान नहीं है और वे देश के प्रति भी सम्मान नहीं दिखाएंगे।

प्रश्न 9. यहाँ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चुनावी गड़बड़ियों की कुछ रिपोर्ट दी गई हैं। क्या ये देश अपने यहाँ के चुनावों के सुधार के लिए भारत से कुछ बातें सीख सकते हैं? प्रत्येक मामले में आप क्या सुझाव देंगे?

(क) नाइजीरिया के एक चुनाव में मतगणना अधिकारी ने जान-बूझकर एक उम्मीदवार को मिले वोटों की संख्या बढ़ा दी और उसे विजयी घोषित कर दिया। बाद में अदालत ने पाया कि दूसरे उम्मीदवार को मिले पाँच लाख वोटों को उस उम्मीदवार के पक्ष में दर्ज कर लिया गया था।

(ख) फिजी में चुनाव से ठीक पहले एक परचा बाँटा गया जिसमें धमकी दी गई थी कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्र चौधरी के पक्ष में वोट दिया गया तो खून-खराबा हो जाएगा। यह धमकी भारतीय | मूल के मतदाताओं को दी गई थी।

(ग) अमेरिका के हर प्रांत में मतदान, मतगणना और चुनाव संचालन की अपनी-अपनी प्रणालियाँ हैं। सन् 2000 के चुनाव में फ्लोरिडा प्रांत के अधिकारियों ने जॉर्ज बुश के पक्ष में अनेक विवादास्पद फैसले लिए पर उनके फैसले को कोई भी नहीं बदल सका।

उत्तरः

(क) इस मामले में प्रत्येक उम्मीदवार का प्रतिनिधि वहाँ उपस्थित होना चाहिए जो ये सुनिश्चित करेंगे कि वोटों की गिनती निष्पक्ष तरीके से हो रही है।

(ख) चुनाव आयोग को इस मामले में जाँच करनी चाहिए तथा ऐसे पर्चे बांटने वाले दल या उम्मीदवार को बर्खास्त कर देना चाहिए।

(ग) वहाँ केवल एक ही चुनाव आयोग होना चाहिए जिसे राजनैतिक प्रभाव से मुक्त होना चाहिए और पूरे देश में चुनाव आयोजित कराने के लिए जिम्मदार होना चाहिए।

प्रश्न 10. भारत में चुनावी गड़बड़ियों से संबंधित कुछ रिपोर्दै यहाँ दी गई हैं। प्रत्येक मामले में समस्या की पहचान कीजिए। इन्हें दूर करने के लिए क्या किया जा सकता है?

(क) चुनाव की घोषणा होते ही मंत्री महोदय ने बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा खोलने के लिए वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।

(ख) विपक्षी दलों का आरोप था कि दूरदर्शन और आकाशवाणी पर उनके बयानों और चुनाव अभियान को उचित जगह नहीं मिली।

(ग) चुनाव आयोग की जाँच से एक राज्य की मतदाता सूची में 2 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम मिले।

(घ) एक राजनैतिक दल के गुंडे बंदूकों के साथ घूम रहे थे, दूसरी पार्टियों के लोगों को मतदान में भाग लेने से रोक रहे थे और दूसरी पार्टी की चुनावी सभाओं पर हमले कर रहे थे।

उत्तरः

(क) चीनी मिल को आर्थिक सहायता देने का वादा करके मंत्री महोदय ने एक नीतिगत फैसले की घोषणा की है। यह सही नहीं है क्योंकि चुनावों की घोषणा होने के बाद नीतिगत फैसले की घोषणा नहीं की जा सकती। मंत्री को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

(ख) विपक्षी दल के बयानों एवं चुनाव अभियान को दूरदर्शन तथा आकाशवाणी पर उचित स्थान न | देकर सरकार ने अपनी स्थिति का दुरूपयोग किया है। इसके प्रत्युत्तर में विपक्ष को राष्ट्रीय मीडिया में पर्याप्त समय मिलना चाहिए।

(ग) फर्जी मतदाताओं की मौजूदगी का अर्थ है कि मतदाता सूची तैयार करने वाले अधिकारियों ने चुनावी गड़बड़ी की तैयारी की थी। चुनाव आयोग को मतदाता सूची की तैयारी की देखभाल करनी चाहिए।

(घ) गुंडों का प्रयोग करके राजनैतिक दलों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को धमकाया है। चुनाव आयोग को बंदूकधारियों की गिरफ्तारी का आदेश देना चाहिए तथा उस दल को चुनावों से बर्खास्त कर देना चाहिए।

प्रश्न 11. जब यह अध्याय पढ़ाया जा रहा था तो रमेश कक्षा में नहीं आ पाया था। अगले दिन कक्षा में आने के बाद उसने अपने पिताजी से सुनी बातों को दोहराया। क्या आप रमेश को बता सकते हैं कि उसके इन बयानों में क्या गड़बड़ी है?

(क) औरतें उसी तरह वोट देती हैं जैसा पुरुष उनसे कहते हैं इसलिए उनको मताधिकार देने का कोई मतलब नहीं है।

(ख) पार्टी-पॉलिटिक्स से समाज में तनाव पैदा होता है। चुनाव में सबकी सहमति वाला फैसला होना चाहिए, प्रतिद्वंद्विता नहीं होनी चाहिए।

(ग) सिर्फ स्नातकों को ही चुनाव लड़ने की इजाजत होनी चाहिए।

उत्तरः

(क) यह कथन गलत है क्योंकि गुप्त मतदान की नीति यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक मतदाता जिसे चाहे उसे अपना वोट दे सकता/सकती है। महिलाएँ अपना निर्णय स्वयं लेने तथा अपनी पसंद के उम्मीदवार का चयन करने में पूर्णतः सक्षम हैं।

(ख) यह सच है कि दलगत राजनीति समाज में तनाव का कारण बनती है, किन्तु यह कहना गलत है कि चुनाव में सबकी सहमति वाले निर्णय होने चाहिए। राजनीति में प्रतिद्वंद्विता लोगों के लिए अच्छी सिद्ध होती है क्योंकि राजनेता अपने-अपने वादे निभाने में एक दूसरे से मुकाबला करते हैं। हो सकता है कि वे ईमानदार न हों, किन्तु उन्हें यह पता होता है कि निर्वाचित होने के। लिए उन्हें काम करना पड़ेगा।

(ग) लोगों की आवश्यकताओं को समझने और उनके हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए शैक्षिक योग्यता होना अनिवार्य नहीं है। इस प्रकार राजनेताओं को स्नातक होना आवश्यक नहीं है।

NCERT Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 1 Democracy in the Contemporary World (Hindi Medium)


 

NCERT Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 1 Democracy in the Contemporary World (Hindi Medium)


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 प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

प्रश्न 1. इनमें से किससे लोकतंत्र के विस्तार में मदद नहीं मिलती ?

(क) लोगों का संघर्ष

(ख) विदेशी शासन द्वारा आक्रमण

(ग) उपनिवेशवाद का अंत

(घ) लोगों की स्वतंत्रता की चाह

उत्तर : (ख) विदेशी शासन द्वारा आक्रमण

प्रश्न 2. आज की दुनिया के बारे में इनमें से कौन-सा कथन सही है?

(क) राजशाही शासन की वह पद्धति है जो अब समाप्त हो गई है।

(ख) विभिन्न देशों के बीच संबंध पहले के किसी वक्त से अब कहीं ज्यादा लोकतांत्रिक हैं।

(ग) आज पहले के किसी दौर से ज्यादा देशों में शासकों का चुनाव लोगों के द्वारा हो रहा है।

(घ) आज दुनिया में सैनिक तानाशाह नहीं रह गए हैं।

उत्तर : (ग) आज पहले के किसी दौर से ज्यादा देशों में शासकों का चुनाव लोगों के द्वारा हो रहा है।

प्रश्न 3. निम्नलिखित वाक्याशों में से किसी एक का चुनाव करके इस वाक्य को पूरा कीजिए। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में लोकतंत्र की जरूरत है ताकि

(क) अमीर देशों की बातों का ज्यादा वजन हो।

(ख) विभिन्न देशों की बातों का वजन उनकी सैन्य शक्ति के अनुपात में हो।

(ग) देशों को उनकी आबादी के अनुपात में सम्मान मिले।

(घ) दुनिया के सभी देशों के साथ समान व्यवहार हो।

उत्तर : (घ) दुनिया के सभी देशों के साथ समान व्यवहार हो।

प्रश्न 4. आज की दुनिया के बारे में इनमें से कौन-सा कथन सही है ?

उत्तर :

5. गैर-लोकतांत्रिक शासन वाले देशों में लोगों को किन-किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है ? इस अध्याय में दिए गए उदाहरणों के आधार पर इस कथन के पक्ष में तर्क दीजिए।

उत्तर : गैर-लोकतांत्रिक शासन वाले देश बहुत सी कठिनाइयों का सामना करते हैं। गैर-लोकतांत्रिक देशों में लोग आजादी से अपने नेता नहीं चुन सकते, वे शासन कर रहे लोगों की अनुमति के बिना राजनैतिक दलों का गठन नहीं कर सकते। वे वास्तविक आजादी का आनंद नहीं उठा पाते। कुछ चरम मामलों में प्राधिकारियों का विरोध करने वाले लोगों को सताया जाता है और मार दिया जाता है। चिले में 1973 का सैनिक तख्तापलट तथा पोलैंड की कम्युनिस्ट सरकार जिसने 1990 तक शासन किया, दमनकारी गैर-लोकतांत्रिक शासन के उदाहरण हैं।

प्रश्न 6. जब लोकतंत्र किसी सेना द्वारा उखाड़ फेंका जाता है तो कौन सी आजादी सामान्यतः छिन जाती हैं ?

उत्तर : जब लोकतंत्र किसी सेना द्वारा उखाड़ फेंका जाता है तो लोगों से उनका नेता चुनने की आजादी छिन जाती है। इसके अतिरिक्त उन्हें सरकार की उन नीतियों के विरुद्ध रोष प्रकट करने की आजादी की अनुमति नहीं मिलती जिन्हें वे नापसंद करते हैं अर्थात् न अभिव्यक्ति की आजादी, न अपने व्यापार संगठन बनाने की आजादी और न ही निष्पक्ष चुनाव का अधिकार | उदाहरणतः सन् 1973 में चिले में जनरल ऑगस्तो पिनोशे द्वारा सैनिक शासन स्थापित किया गया जबकि पोलैंड में सन् 1989 से पूर्व जनरल जारूजेल्स्की के नेतृत्व में गैर-लोकतांत्रिक सरकार थी। दोनों ही मामलों में लोगों कोऊपर वर्णित आजादी नहीं थी।

प्रश्न 7. वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र बढाने में इनमें से किन बातों से मदद मिलेगी ? प्रत्येक मामले में अपने जवाब के पक्ष में तर्क दीजिए।

(क) मेरा देश अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को ज्यादा पैसे देता है इसलिए मैं चाहता हूँ कि मेरे साथ ज़्यादा सम्मानजनक व्यवहार हो ओर मुझे ज़्यादा                    अधिकार मिलें।

(ख) मेरा देश छोटा या गरीब हो सकता है। लेकिन मेरी आवाज़ को समान आदर के साथ सुना | जाना चाहिए क्योंकि इन फैसलों का मेरे देश पर भी        असर होगा।

(ग) अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अमीर देशों की ज्यादा चलनी चाहिए। गरीब देशों की संख्या ज्यादा है, सिर्फ इसके चलते अमीर देश अपने हितों का                नुकसान नहीं होने दे सकते।

(घ) भारत जैसे बड़े देशों की आवाज़ का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा वज़न होना ही चाहिए।

उत्तर :

(क) इसका वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र में कोई योगदान नहीं हैं क्योंकि प्रत्येक देश और इसके नागरिकों को बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए चाहे वह        देश अमीर हो अथवा गरीब ।

(ख) यह समानता एवं अभिव्यक्ति की आजादी को बढावा देगा। यदि ऐसा वैश्विक स्तर पर किया | जाता है तो यह अवश्य ही वैश्विक स्तर पर                  लोकतंत्र  को बढ़ाने में मदद करेगा।

(ग) यह वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र को बढ़ाने में योगदान नहीं देगा क्योंकि अमीर एवं गरीब देशों के बीच किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं होना चाहिए।       यह सामाजिक-आर्थिक समानता लाने में मददगार नहीं होगा जो कि लोकतंत्र के सबसे महत्त्वपूर्ण पहलूओं में से एक है। वैश्विक स्तर पर सभी           देशों चाहे वे अमीर हों या गरीब, बराबरी का स्थान मिलना चाहिए।

(घ) यह भी वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र में कोई योगदान देगा क्योंकि किसी देश का आकार अथवा भौगोलिक क्षेत्रफल उसकी अन्य देशों से श्रेष्ठता की        कसौटी नहीं होना चाहिए।

प्रश्न 8. नेपाल के संकट पर हुई एक टीवी चर्चा में व्यक्त किए गए तीन विचार कुछ इस प्रकार के थे। इनमें से आप किसे सही मानते हैं और क्यों?


भारत एक लोकतांत्रिक देश है इसलिए राजशाही के खिलाफ़ और लोकतंत्र के लिए संघर्ष करने वाले नेपाली लोगों के समर्थन में भारत सरकार को ज्यादा दखल देना चाहिए। वक्ता


यह एक खतरनाक तर्क है। हम उस स्थिति में पहुँच जाएँगे जहाँ इराक के मामले में अमेरिका पहुँचा है। किसी भी बाहरी शक्ति के सहारे लोकतंत्र नहीं आ सकता। . वक्ता


लेकिन हमें किसी देश के आंतरिक मामलों की चिंता ही क्यों करनी चाहिए? हमें वहाँ अपने व्यावसायिक हितों की चिंता करनी चाहिए लोकतंत्र की नहीं।


उत्तर : वक्ता 2 के मत से आसानी से सहमत हुआ जा सकता है क्योंकि किसी देश में उस देश के नागरिक ही लोकतंत्र की स्थापना कर सकते हैं।

प्रश्न 9. एक काल्पनिक देश आंनदलोक में लोग विदेशी शासन को समाप्त करने पुराने राजपरिवार को सत्ता सौंपते हैं। वे कहते हैं, ‘आखिर जब विदेशियों ने हमारे ऊपर राज करना शुर

किया तब इन्हीं के पूर्वज हमारे राजा थे। यह अच्छा है कि हमारा एक मजबूत शासक है। जो हमें अमीर और ताकतवर बनने में मदद कर सकता है। जब किसी ने लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की बात की तो वहाँ के सयाने लोगों ने कहा कि यह तो एक विदेशी विचार है। हमारी लड़ाई विदेशियों और उनके विचारों को देश से खदेड़ने की थी। जब किसी ने मीडिया की आजादी की माँग की तो बड़े बुजुर्गों ने कहा कि शासन की ज़्यादा आलोचना करने से नुकसान होगा और इससे अपने जीवन स्तर को सुधारने में कोई मदद नहीं मिलेगीं। आखिर महाराज दयावान हैं और अपनी पूरी प्रजा के कल्याण में बहुत दिलचस्पी लेते हैं। उनके लिए मुश्किलें क्यों पैदा की जाएँ? क्या हम सभी खुशहाल नहीं होना चाहते? उपरोक्त उद्धरण को पढ़ने के बाद चमन, चंपा और चंदू ने कुछ इस तरह के निष्कर्ष निकालेः

चमनः आनंदलोक एक लोकतांत्रिक देश है क्योंकि लोगों ने विदेशी शासकों का उखाड़ फेंका और राजा का शासन बहाल किया।

चंपा : आंनदलोक लोकतांत्रिक देश नहीं है क्योंकि लोग अपने शासन की आलोचना नहीं कर सकते। राजा अच्छा हो सकता है और अर्थिक समृद्धि भी ला सकता है लेकिन राजा लोकतांत्रिक शासन नही ला सकता।

चंदू : लोगों को खुशहाली चाहिए इसलिए वे अपने शासक को अपनी तरफ से फैसले लेने देना चाहते हैं। अगर लोग खुश हैं तो वहीं का शासन लोकतांत्रिक ही है। इन तीनों कथनों के बारे में आपकी क्या राय है? इस देश में सरकार के स्वरुप के बारे में आपकी क्या राय है?

उत्तर : चमन का कथन गलत है क्योंकि किसी विदेशी ताकत को उखाड़ फेंकना मात्र स्वतंत्रता प्राप्त करना है। चंपा का कथन सही है। लोकतंत्र प्रजा का शासन है। प्रजा को अपने शासक से सवाल करने का अधिकार होना ही चाहिए। चंदू का कथन गलत है। लोगों की खुशी मात्र ही लोकतंत्र की घटक नहीं है। लोग राजा के साथ खुश हो सकते हैं किन्तु वह कोई चुना गया प्रतिनिधि नहीं है और इसलिए वह लोकतंत्र की स्थापना नहीं कर सकता।

NCERT Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 2 What is Democracy? Why Democracy? (Hindi Medium)


 

NCERT Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 2 What is Democracy? Why Democracy? (Hindi Medium)


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प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

प्रश्न 1. यहाँ चार देशों के बारे में कुछ सूचनाएँ हैं। इन सूचनाओं के आधार पर आप इन देशों का वर्गीकरण किस तरह करेंगे? इनके सामने ‘लोकतांत्रिक’, ‘अलोकतांत्रिक’ और ‘पक्का नहीं लिखे।

(क) देश क : जो लोग देश के अधिकारिक धर्म को नहीं मानते उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं हैं।

(ख) देश ख : एक ही पार्टी बीते वर्षों से चुनाव जीतती आ रही है।

(ग) देश ग : पिछले तीन चुनावों में शासक दल के पराजय का मुँह देखना पड़ा।

(घ) देश घ : यहाँ स्वतंत्र चुनाव आयोग नहीं है।

उत्तर :

(क) अलोकतांत्रिक

(ख) पक्का नहीं।

(ग) लोकतांत्रिक

(घ) अलोकतांत्रिक

2.यहाँ चार अन्य देशों के बारे में कुछ सूचनाएँ दी गई हैं। इन सूचनाओं के आधार पर आप इन देशों का वर्गीकरण किस तरह करेंगे? इनके आगे ‘लोकतांत्रिक’, ‘अलोकतांत्रिक’ और ‘पक्का नहीं लिखे।

(क) देश च : संसद सेना प्रमुख की मंजूरी के बिना सेना के बारे में कोई कानून नहीं बना सकती।

(ख) देश छ : संसद न्यायपालिका के अधिकारों में कटौती का कानून नहीं बना सकती।

(ग) देश ज : देश के नेता बिना पड़ोसी देश की अनुमति के किसी और देश से संधि नहीं कर सकते।

(घ) देश झ : देश के अधिक फैसले केन्द्रीय बैंक के अधिकारी करते हैं जिसे मंत्री भी नहीं बदल सकते।

उत्तर :

(क) अलोकतांत्रिक

(ख) लोकतांत्रिक

(ग) अलोकतांत्रिक

(घ) अलोकतांत्रिक

प्रश्न 3. इनमें से कौन-सा तर्क लोकतंत्र के पक्ष में अच्छा नहीं है और क्यों?

(क) लोकतंत्र में लोग खुद को स्वतंत्र और समान मानते हैं।

(ख) लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ दूसरों की तुलना में टकरावों को ज्यादा अच्छी तरह सुलझाती हैं।

(ग) लोकतांत्रिक सरकारें लोगों के प्रति ज़्यादा उत्तरदायी होती है।

(घ) लोकतांत्रिक देश दूसरों की तुलना में ज़्यादा समृद्ध होते है।

उत्तर : (क) ‘लोकतांत्रिक देश दूसरों की तुलना में ज्यादा समृद्ध होते हैं। लोकतंत्र के पक्ष में अच्छा तर्क नहीं है क्योंकि भारत जैसे कुछ लोकतांत्रिक देश अब भी आर्थिक रूप से विकसित हो रहे हैं। जबकि संयुक्त अरब अमीरात जैसे राजतंत्र वाले देश आर्थिक रूप से समृद्ध हैं।

प्रश्न 4. इन सभी कथनों में कुछ चीजें लोकतांत्रिक हैं तो कुछ अलोकतांत्रिक। हर कथन में इन चीजों को अलग-अलग करके लिखें।

(क) एक मंत्री ने कहा कि संसद को कुछ कानून पास करने होंगे। जिससे विश्व व्यापार संगठनों द्वारा तय नियमों की पुष्टि हो सके।

(ख) चुनाव आयोग ने एक चुनाव क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान का आदेश दिया जहाँ बड़े पैमाने पर मतदान में गड़बड़ की गई थी।

(ग) संसद में औरतों को प्रतिनिध्त्व कभी भी 1 प्रतिशत तक नहीं पहुँचा है। इसी कारण महिला संगठनों ने संसद में एक-तिहाई आरक्षण की माँग की है।

उत्तर :

(क) लोकतांत्रिक चीज : “संसद को कुछ कानून पास करने होंगे।” अलोकतांत्रिक चीज : “विश्व व्यापार संगठन द्वारा तय नियमों की पुष्टि हो सके।

(ख) लोकतांत्रिक चीज : ” चुनाव आयोग ने किसी चुनाव क्षेत्र में दोबारा मतदान का आदेश दिया।” अलोकतांत्रिक चीज : “बड़े पैमाने पर मतदान में गड़बड़ हुई थी।”

(ग) लोकतांत्रिक चीज : ” इसी के कारण महिला संगठनों ने एक तिहाई आरक्षण की मांग की है।” अलोकतांत्रिक चीज : “संसद में औरतों का प्रतिनिधित्व कभी भी 10 प्रतिशत तक नहीं पहुँचा है।”

प्रश्न 5. लोकतंत्र में अकाल और भुखमरी की संभावना कम होती है। यह तर्क देने का इनमें से कौन-सा कारण सही नहीं है ?

(क) विपक्षी दल भूख और भुखमरी की ओर सरकार का ध्यान दिला सकते हैं।

(ख) स्वतंत्र अखबार देश के विभिन्न हिस्सों में अकाल की स्थिति के बारे में खबरें दे सकती हैं।

(ग) सरकार को अगले चुनाव में अपनी परजय का डर होता है।

(घ) लोगों को कोई भी तर्क मानने और उस पर आचरण करने की स्वतंत्रता है।

उत्तर : कारण (घ) यह कहने के लिए तर्कसंगत नहीं है कि लोकतंत्र में अकाल और भुखमरी की संभावना कम होती है। यह इसलिए है कि किसी तर्क को मानने और उस पर आचरण करने व अकाल को दूर करने में परस्पर कोई संबंध नहीं है। प्रश्न

6. किसी जिले में 40 ऐसे गाँव हैं जहाँ सरकार ने पेयजल उपलब्ध कराने का कोई इंतजाम नहीं किया है। इन गाँवों के लोगों ने एक बैठक की और अपनी जरुरतों की ओर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए कई तरीकों पर विचार किया। इनमें से कौन-सा तरीका लोकतांत्रिक नहीं है ?

(क) अदालत में पानी को अपने जीवन के अधिकार का हिस्सा बताते हुए मुकदमा दायर करना।

(ख) अगले चुनाव का बहिष्कार करके सभी पाटियों को संदेश देना।

(ग) सरकारी नीतियों के खिलाफ जन सभाएँ करना।

(घ) सरकारी अधिकारियों को पानी के लिए रिश्वत देना।

उत्तर : (घ) यह एक अलोकतांत्रिक तरीका है

प्रश्न 7. लोकतंत्र के खिलाफ दिए जाने वाले इन तक का जबाव दीजिए :

(क) सेना देश का सबसे अनुशासित और भ्रष्टाचार मुक्त संगठन है। इसलिए सेना को देश का शासन करना चाहिए।

(ख) बहुमत के शासन का मतलब है मूख और अशिक्षितों का राज हमें तो होशियारों की जरूरत है, भले ही उनकी संख्या कम क्यों न हो।

(ग) अगर आध्यात्मिक मामलों में मार्गदर्शन के लिए हमें धर्म-गुरुओं की जरूरत होती है तो उन्ही को राजनैतिक मामलों में मार्गदर्शन का काम क्यों नहीं सौपा जाए। देश पर धर्म गुरुओं का शासन होना चाहिए।

उत्तर :

(क) सेना देश की रक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण है किंतु यह लोगों द्वारा निर्वाचित नहीं है। इसलिए यह एक लोकतांत्रिक सरकार का गठन नहीं कर सकती। बेशक सेना सबसे अधिक अनुशासित एवं भ्रष्टाचार मुक्त संगठन है, तथापि कोई भी यह गारंटी नहीं दे सकता कि सेना तानाशाह नहीं बनेगी। ऐसे शासन के अधीन नागरिकों के सभी मौलिक अधिकार छीन लिए जाएंगे। उदाहरण के लिए, जनरल ऑगस्तो पिनोशे के शासन के अधीन चिले की जनता को कष्ट भोगने पड़े।

(ख) सभी लोग कुछ सीमा तक समझदार हैं। सार्वभौम वयस्क मताधिकार सिद्धांत के अनुसार हमारे देश में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को मतदान का अधिकार है। समाज के कुछ वर्गों की अनदेखी करना अनुचित होगा।

(ग) तीसरा कथन खतरनाक है। राजनीति में धर्म को शामिल करने से गंभीर विवाद पैदा हो सकते

हैं क्योंकि भारत जैसे कई धर्मों के देश में अपनी विचारधाराओं में पारस्परिक मतभेदों के कारण धर्म-गुरु विनाश का कारण बन सकते हैं। विश्व इतिहास में अभी तक किसी भी धार्मिक राजनेता द्वारा चलाई जा रही सरकार सफल सिद्ध नहीं हुई है। धर्म को किसी भी देश के राजनैतिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।

प्रश्न 8. इनमें से किन कथनों को आप लोकतात्रिक समझते हैं? क्यों?

(क) बेटी से बाप : मैं शादी के बारे में तुम्हारी राय सुनना नहीं चाहता। हमारे परिवार में बच्चे वहीं शादी करते हैं जहाँ माँ-बाप तय कर देते हैं।

(ख) छात्र से शिक्षक : कक्षा में सवाल पूछकर ध्यान मत बँटाओ।

(ग) अधिकारियों से कर्मचारी : हमारे काम करने के घंटे कानून के अनुसार कम किए जाने चाहिए।

उत्तर :

(क) पहला कथन अलोकतांत्रिक है क्योंकि लड़की को उसकी अपनी शादी के बारे में राय व्यक्त करने के अवसर से वंचित किया जा रहा है। यह कथन लोकतंत्र सापेक्ष नहीं है क्योंकि बेटी को अन्य लोगों द्वारा उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। उस लड़की को ही अपने पति के साथ पूरा जीवन गुजारना हैं इसलिए अपना पति चुनने के लिए उसे पूरी स्वतंत्रता दी जानी चाहिए ।

(ख) दूसरा कथन अलोकतांत्रिक है क्योंकि छात्र को प्रश्न पूछकर अपना संशय दूर करने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। यह अलोकतांत्रिक नहीं होगी यदि कोई छात्र अपने अध्यापक से प्रश्न करे। सबसे अच्छी चीज जो एक अध्यापक कर सकता है वह यह है कि वह छात्रों से कहे कि कक्षा समाप्त होने के उपरांत बच्चे प्रश्नों के उत्तर जान सकते हैं, किन्तु उसे छात्रों के प्रश्नों के उत्तर देने चाहिएं।

(ग) तीसरा कथन लोकतांत्रिक है क्योंकि यह ऐसे नियम या कानून की मांग करता है जो कर्मचारियों के लिए लाभप्रद हो। कर्मचारी सदैव ही कानूनी मानकों के अनुसार अपने अधिकारी से किसी

चीज का अनुरोध या मांग कर सकते हैं। अतः यह कथन लोकतांत्रिक मूल्यों के सापेक्ष है।

प्रश्न 9. एक देश के बारे में निम्नलिखित तथ्यों पर गौर करें और फैसला करें कि आप इसे लोकतंत्र कहेंगे या नहीं। अपने फैसले के पीछे के तर्क भी बताएँ ।

(क) देश के सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार है और चुनाव नियमित रुप से होते हैं।

(ख) देश के अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से ऋण लिया। ऋण के साथ यह एक शर्त जुड़ी थी कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य पर अपने खर्चे में कमी करेगी।

(ग) लोग सात से ज्यादा भाषाएँ बोलते हैं पर शिक्षा का माध्यम सिर्फ एक भाषा है, जिसे देश के 52 फीसदी लोग बोलते हैं।

(घ) सरकारी नीतियों का विरोध करने के लिए अनेक संगठनों ने संयुक्त रुप से प्रदर्शन करने और देश भर में हड़ताल करने का आह्वान किया है। सरकार ने उनके नेताओं को गिरफ्तार कर लिया

(ङ) देश के रेडियो और टेलीविजन चैनल सरकारी हैं। सरकारी नीतियों और विरोध के बारे में खबर छापने के लिए अखबारों को सरकार से अनुमति लेनी होती है।

उत्तर :

(क) ऐसा देश लोकतांत्रिक है क्योंकि देश के सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार है और नियमित रूप से चुनाव कराए जाते हैं।

(ख) लोकतंत्र नागरिकों की गरिमा में बढ़ोतरी करता है। एक लोकतांत्रिक सरकार नागरिकों के कल्याण के लिए कार्य करती है। शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर खर्च में कमी करना लोगों के लिए कल्याणकारी | नहीं होगा। इसलिए ऐसे देश को लोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता क्योंकि कोई भी लोकतांत्रिक देश शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर खर्च में कमी के लिए सहमत नहीं होगा।

(ग) राष्ट्रभाषा एक भाषा हो सकती है क्योंकि ऐसी चीज व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय एकता लाती है। किन्तु अन्य भाषाओं को भी उनके संबंधित क्षेत्र में प्रोत्साहित करना चाहिए। मेरा विचार है कि यह देश अलोकतांत्रिक नहीं है।

प्रश्न 10. अमेरिका के बारे में 24 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार वहाँ के समाज में असमानता बढ़ती जा रही है। आमदनी की असमानता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विभिन्न वर्गों की भागीदारी घटने-बढ़ने के रुप में भी सामने आई। इन समूहों की सरकार के फैसलों पर असर डालने की क्षमता भी इससे प्रभावित हुई हैं। इस रिपोर्ट की मुख्य बातें थीं।


सन् 24 में एक औसत अश्वेत परिवार की आमदनी नौ डालर थी जबकि गोर परिवार की आमदनी 162 डालर। औसत गोरे परिवार के पास अश्वेत परिवार से 12 गुना ज्यादा संपत्ति थी।


राष्ट्रपति चुनाव में 75; डालर से ज़्यादा आमदनी वाले परिवारों के प्रत्येक 1 में से 9 लोगों ने वोट डाले थे। सही लोग आमदनी के हिसाब से समाज के ऊपरी 2 फीसदी में आते हैं। दूसरी ओर 15; डालर से कम आमदनी वाले परिवारों के प्रत्येक 10 में से सिर्फ 5 लोगों ने ही वोट डाले। आमदनी के हिसाब से ये लोग सबसे निचले 2 फीसदी हिस्से में आते है।


राजनैतिक दलों का करीब 95 फीसदी चंदा अमीर परिवारों से ही आता है। इससे उन्हें अपनी राय और चिताओं से नेताओं को अवगत कराने का अवसर मिलता है। यह सुविधा देश के अधिकाश नागरिकों को उपलब्ध नहीं हैं।


जब गरीब लोग राजनीति में कम भागीदारी करते हैं तो सरकार भी उनकी चिंताओं पर कम ध्यान देती है गरीबी दूर करना, रोजगार देना, उनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास की व्यवस्था करने पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता है जितना दिया जाना चाहिए। राजनेता अक्सर अमीरों और

व्यापारियों की चिंताओं पर ही नियमित रूप से गौर करते हैं।


उत्तर : इसमें कोई विवाद नहीं है कि गरीबी का लोकतंत्र पर सीधा एवं गहरा प्रभाव पड़ता है। एक अश्वेत परिवार किसी श्वेत परिवार के मुकाबले बहुत कम कमाता है इसलिए उनकी कमाई में असमानता उनके मतदान पैटर्न में साफ झलकती थी। राष्ट्रपति के चुनाव में 75000 हजार डालर या इससे अधिक की | आय वाले 10 में से 9 लोगों ने मतदान किया था जबकि 15000 डालर से कम आय वाले 10 में से 5 लोगों ने मतदान किया था। इतना ही नहीं, उनकी आय में अंतर ने सरकार द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों को प्रभावित करने की योग्यता भी निर्धारित करता है। क्योंकि राजनैतिक दलों को दिए जाने वाले चंदे का 95 प्रतिशत अमीर लोगों से आता है। इसलिए वे राजनैतिक दलों के निर्णयों को प्रभावित करने के लिए अधिकतर कम आय वाले नागरिकों की अपेक्षा बेहतर स्थिति में थे। क्योंकि गरीब लोग राजनीति में कम भाग लेते हैं, इसलिए सरकार इनकी ओर एवं इनकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, निवास की समस्या तथा भुखमरी की ओर कम ध्यान देती है। विभिन्न राजनेताओं द्वारा निर्मित सरकार व्यापार या समाज के अमीर वर्ग के बारे में चिंतित रहती है।

अमेरिका की तरह भारत में भी विभिन्न राजनैतिक दल अमीर लोगों की समस्याओं पर अधिक ध्यान देते हैं जो कि उनको दिए जाने वाले चंदे की राशि का अधिकतर भाग उन्हीं से आता है।

NCERT Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 3 Constitutional Design (Hindi Medium)


 

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प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

प्रश्न 1. नीचे कुछ गलत वाक्य दिए गए हैं। हर एक में की गई गलती पहचानें और इस अध्याय के आधार पर उसको ठीक करके लिखें।

(क) स्वतंत्रता के बाद देश लोकतांत्रिक हो या नहीं, इस विषय पर स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं ने| अपना दिमाग खुला रखा था।

(ख) भारतीय संविधान सभा के सभी सदस्य संविधान में कही गई हरेक बात पर सहमत थे।

(ग) जिन देशों में संविधान है वहाँ लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था ही होगी।

(घ) संविधान देश का सर्वोच्च कानून होता है इसलिए इसमें बदलाव ही होगी।

उत्तर :

(क) स्वतंत्रता के बाद देश लोकतांत्रिक हो, इस विषय पर स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं ने अपना दिमाग खुला रखा था।

(ख) संविधान सभा के अलग-अलग सदस्यों के विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग विचार थे, किन्तु उन्होंने अपने मतभेद सुलझा लिए और संविधान के मूलभूत सिद्धांतों पर उन्होंने एक समान राय रखी।

(ग) जिस देश में लोकतंत्र हैं उसमें संविधान होना ही चाहिए।

(घ) यदि संविधान में संशोधन करना पड़े तो उस के लिए संसद के दो तिहाई सदस्यों का बहुमत होना अनिवार्य है।

प्रश्न 2. दक्षिण अफ्रीका का लोकतांत्रिक संविधान बनाने में, इनमें से कौन-सा टकराव सबसे महत्त्वपूर्ण था :

(क) दक्षिण अफ्रीका और उसके पड़ोसी देशों का

(ख) स्त्रियों और पुरुषों का

(ग) गोरे अल्पसंख्सक और अश्वेत बहुसंख्यकों का

(घ) रंगीन चमड़ी वाले बहुसंख्यकों और अश्वेत अल्पसंख्यकों का

उत्तर : (घ) रंगीन चमड़ी वाले बहुसंख्यकों और अश्वेत अल्पसंख्यकों का

प्रश्न 3. लोकतांत्रिक संविधान में इनमें से कौन-सा प्रावधान नहीं रहता?

(क) शासन प्रमुख के अधिकार

(ख) शासन प्रमुख का नाम

(ग) विधायिका क अधिकार

(घ) देश का नाम

उत्तर : (घ) शासन प्रमुख का नाम

प्रश्न 4. संविधान निर्माण में इन नेताओं और उनकी भूमिका में मेल बैठाएँ।

(क) मोतीलाल नेहरू

(ख) बी.आर. अंबेडकर

(ग) राजेंद्र प्रसाद

(घ) सरोजनी नायडू

(i) संविधान सभा के अध्यक्ष

(ii) संविधान सभा के सदस्य

(iii) प्रारूप कमेटी के अध्यक्ष

(iv) 1928 में भारत का संविधान बनाया

उत्तर :

(क) (iv)

(ख) (iii)

(ग) (i)

(घ) (ii)

प्रश्न 5. जवाहर लाल नेहरू के नियति के साथ साक्षात्कार वाले भाषण के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों का जवाब दें :

(क) नेहरू ने क्यों कहा कि भारत का भविष्य सुस्ताने और आराम करने का नहीं है?

(ख) नए भारत के सपने किस तरह विश्व से जुड़े हैं ? (ग) वे संविधान निर्माताओं से क्या शपथ चाहते थे ?

(घ) “हमारी पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की कामना हर आँख से आँसू पोंछने की हैं। वे इस कथन में किसका जिक्र कर रहे थे?

उत्तर :

(क) नेहरू ने ये शब्द प्रयोग किए ‘पूरी तरह या पूरे तरीके से नहीं क्योंकि उनके अनुसार उन्होंने जो काम पूरा करने का बीड़ा उठाया था वह अभी पूरा नहीं हुआ था और शपथ एक दम से | पूरी नहीं हो सकती थी, किन्तु ये धीरे-धीरे पूरी होंगी।

(ख) जो शपथ वे भारत के संविधान निर्माताओं से लेना चाहते थे वह यह थी कि वे अपना जीवन भारत, भारतीय लोगों और व्यापक स्तर पर मानवता की सेवा को अर्पित कर दें।

(ग) वे महात्मा गांधी का जिक्र कर रहे थे।

प्रश्न 6. हमारे संविधान को दिशा देने वाले ये कुछ मूल्य और उनके अर्थ हैं। इन्हें आपस में मिलाकार दोबारा लिखिए।

(क) संप्रभुता

(ख) गणतंत्र

(ग) बंधुत्व

(घ) धर्मनिरपेक्ष

(i) सरकार किसी धर्म के निर्देशों के अनुसार कार्य नहीं करेंगी।

(ii) फैसले लेने का सर्वोच्च अधिकार लोगों के पास है।

(iii) शासन प्रमुख एक चुना हुआ व्यक्ति है।

(iv) लोगों को आपस में परिवार की तरह रहना चाहिए।

उत्तर :

(क) (ii)

(ख) (iii)

(ग) (iv)

(घ) (i)

प्रश्न 7. कुछ दिन पहले नेपाल से आपके एक मित्र ने वहाँ की राजनैतिक स्थिति के बारे में आपको पत्र लिखा था। वहाँ अनेक राजनैतिक पार्टियाँ राजा के शासन का विरोध कर रही थी। उनमें से कुछ का कहना था कि राजा द्वारा दिए गए मौजूदा संविधान में ही संशोधन करके चुने हुए प्रतिनिधियों को ज़्यादा अधिकार दिए जा सकते हैं। अन्य पार्टियाँ नया गणतांत्रिक संविधान बनाने के लिए नई संविधान सभा गठित करने की मांग कर रही थीं। इस विषय में अपनी राय बताते हुए अपने मित्र को पत्र लिखें।

उत्तर : निम्नलिखित बिंदुओं से सहायता लेते हुए अपना उत्तर लिखें : निर्वाचित प्रतिनिधियों को और अधिक शक्तियाँ देने के लिए संविधान में संशोधन की मांग, गणतंत्रात्मक संविधान लिखने के लिए एक नई संविधान सभा और राजा के शासन का विरोध यह दर्शाते हैं कि लोग लोकतंत्र के पक्ष में हैं और राजतंत्रात्मक शासन को अपने देश से उखाड़ फेंकना चाहते हैं।

प्रश्न 8. भारत के लोकतंत्र के स्वरूप के विकास के प्रमुख कारणों के बारे में कुछ अलग-अलग विचार इस . प्रकार हैं। आप इनमें से हर कथन को भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए कितना महत्त्वपूर्ण कारण मानते हैं ?

(क) अंग्रेज़ शासकों ने भारत को उपहार के रूप में लोकतांत्रिक व्यवस्था दी। हमने ब्रिटिश हुकूमत के समय बनी प्रांतीय असेंबलियों के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में काम करने का प्रशिक्षण पाया।


(ख) हमारे स्वतंत्रता संग्राम ने औपनिवेशिक शोषण और भारतीय लोगों को तरह-तरह की आजादी न दिए जाने का विरोध किया। ऐसे में स्वतंत्र भारत को लोकतांत्रिक होना ही था।

(ग) हमारे राष्ट्रवादी नेताओं की आस्था लोकतंत्र में थी। अनेक नव स्वतंत्र राष्ट्रों में लोकतंत्र का न आना हमारे नेताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

उत्तर : मैं ऊपर दिए गए बिंदुओं को समान महत्व दूंगा। पहला बिंदु दर्शाता है कि ब्रिटिश शासन ने हमें लोकतंत्र के लिए आदर्श एवं प्रेरणा उपलब्ध कराई। दूसरे बिंदु ने आत्मविश्वास के साथ पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधा। तीसरा बिंदु दर्शाता है कि हमारे नेताओं ने लोकतंत्र का निर्माण ऐसे तरीके से किया कि यह पूरे देश के लिए एक आदर्श बन गया।

प्रश्न 9.1912 में प्रकाशित ‘विवाहित महिलाओं के लिए आचरण’ पुस्तक के निम्नलिखित अंश को पढ़े : “ईश्वर ने औरत जाति को शारीरिक और भावनात्मक, दोनों ही तरह से ज़्यादा नाजुक बनाया है। उन्हें आत्म रक्षा के भी योग्य नहीं बनाया है। इसलिए ईश्वर ने ही उन्हें जीवन भर पुरूषों के संरक्षण में रहने का भाग्य दिया है-कभी पिता के, कमी पति के और कभी पुत्र के। इसलिए महिलाओं को निराश होने की जगह इस बात से अनुगृहीत होना चाहिए कि वे अपने आपको पुरूषों की सेवा में समर्पित कर सकती है। क्या इस अनुच्छेद में व्यक्त मूल्य संविधान के दर्शन से

मेल खाते हैं या वे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हैं?

उत्तर : दिया गया पैरा आंशिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है। यह लिंगभेद के विचार को बढावा देता है। यह संविधान द्वारा प्रचारित समानता की भावना के विपरीत है।

प्रश्न 10. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। क्या आप उनसे सहमत हैं? अपने कारण भी बताइए।

(क) संविधान के नियमों की हैसियत किसी भी अन्य कानून के बराबर है।

(ख) संविधान बताता है कि शासन व्यवस्था के विविध अंगों का गठन किस तरह होगा।

(ग) नागरिकों के अधिकार और सरकार की सत्ता की सीमाओं का उल्लेख भी संविधान में स्पष्ट रूप में है।

(घ) संविधान संस्थाओं की चर्चा करता है, उसका मूल्यों से कुछ लेना-देना नहीं है।

उत्तर :

(क) सत्य

कारण : संविधान किसी देश का सर्वोच्च कानून है। यह किसी लोकतांत्रिक देश की नींव है। संविधान में वर्णित किए गए कानूनों पर अन्य सभी कानूनों का निर्माण किया जाता है ।अतः, इसका अर्थ यह है कि संवैधानिक कानूनों को भी वही या उससे भी अधिक हैसीयत प्राप्त है जो देश के अन्य कानूनों की है।

(ख) सत्य

कारण : संविधान सरकार निर्माण का ढांचा निर्धारित करता है। यह सरकार के विभिन्न अंगों कार्यपालिका, न्यायपालिका एवं विधायिका के गठन एवं इनके कार्यों को विस्तार सहित परिभाषित करता है।

(ग) सत्य

कारण : संविधान ने देश के सभी नागरिकों के लिए मौलिक अधिकार निर्धारित किए हैं। इन अधिकारों की न्यायालय में मांग की जा सकती है। सरकार के विभिन्न अंगों का ढांचा बनाने एवं उन्हें उनके कार्यक्षेत्र में स्वतंत्र बनाते हुए, फिर भी प्रत्येक अंग को अन्य अंगों के नियंत्रण में रखते हुए, संविधान यह सुनिश्चित करता है कि सरकार द्वारा प्रयोग की जा रही शक्तियाँ पूरी तरह सीमाओं में हैं।

(घ) असत्य

कारण : संविधान सरकार की विभिन्न संस्थाओं के गठन एवं कार्यों को निर्धारित करता है ताकि इन संस्थाओं को चलाने के लिए ढांचा एवं नियम उपलब्ध हो सकें। यद्यपि ऐसे कानून एवं ढांचे को उपलब्ध कराते समय लोकतांत्रिक सिद्धांत एवं मूल्य इसका मार्गदर्शन करते हैं। इसलिए एक संविधान मूल्यों के बारे में भी चर्चा करता है क्योंकि यह मूल्यों पर आधारित संस्थाओं के बारे में हैं।

NCERT Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 5 Working of Institutions (Hindi Medium)


 

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प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

प्रश्न 1. अगर आपको भारत का राष्ट्रपति चुना जाए तो आप निम्नलिखित में से कौन-सा फैसला खुद कर सकते हैं?

(क) अपनी पसंद के व्यक्ति को प्रधानमंत्री चुन सकते हैं।

(ख) लोकसभा में बहुमत वाले प्रधानमंत्री को उसके पद से हटा सकते हैं।

(ग) दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक पर पुनर्विचार के लिए कह सकते हैं।

(घ) मंत्रीपरिषद् में अपनी पसंद के नेताओं का चयन कर सकते हैं।

उत्तरः (ग) दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक पर पुनर्विचार के लिए कह सकते हैं।

प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन राजनैतिक कार्यपालिका का हिस्सा होता है?

(क) जिलाधीश

(ख) गृह मंत्रालय का सचिव

(ग) गृह मंत्री

(घ) पुलिस महानिदेशक

उत्तरः (ग) गृह मंत्री

प्रश्न 3. न्यायपालिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा बयान गलत है?

(क) संसद द्वारा पारित प्रत्येक कानून को सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी की जरुरत होती है।

(ख) अगर कोई कानून संविधान की भावना के खिलाफ है तो न्यायपालिका उसे अमान्य घोषित कर सकती है।

(ग) न्यायपालिका कार्यपालिका से स्वतंत्र होती है।

(घ) अगर किसी नागरिक के अधिकारों का हनन होता है तो वह अदालत में जा सकता है।

उत्तरः (क) संसद द्वारा पारित प्रत्येक कानून को सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी की जरुरत होती है।

प्रश्न 4. निम्नलिखित राजनैतिक संस्थाओं में से कौन-सी संस्था देश के मौजूदा कानून में संशोधन कर सकती है?

(क) सर्वोच्च न्यायालय

(ख) राष्ट्रपति

(ग) प्रधानमंत्री

(घ) संसद उत्तर

उत्तरः

(घ) संसद प्रश्न

5. उस मंत्रालय की पहचान करें जिसने निम्नलिखित समाचार जारी किया होगाः

उत्तरः

प्रश्न 6. देश की विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में से उस राजनैतिक संस्था का नाम बताइए जो निम्नलिखित मामलों में अधिकारों का इस्तेमाल करती हैं:

(क) सड़क, सिंचाई, जैसे बुनियादी ढाँचों के विकास और नागरिकों की विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों पर कितना पैसा खर्च किया जाएगा।

(ख) स्टॉक एक्सचेंज को नियमित करने संबंधी कानून बनाने की कमेटी के सुझाव पर विचार विमर्श करती है।

(ग) दो राज्य सरकारों के बीच कानूनी विवाद पर निर्णय लेती है।

(घ) भूकंप पीड़ितों की राहत के प्रयासों के बारे में सूचना माँगती है।

उत्तरः

(क) लोकसभा (वित्त मंत्रालय)

(ख) संसद

(ग) सर्वोच्च न्यायालय

(घ) कार्यपालिका

प्रश्न 7. भारत का प्रधानमंत्री सीधे जनता द्वारा क्यों नहीं चुना जाता? निम्नलिखित चार जवाबों में सबसे सही को चुनकर अपनी पसंद के पक्ष में कारण दीजिए।

(क) संसदीय लोकतंत्र में लोकसभा में बहुमत वाली पार्टी का नेता ही प्रधानमंत्री बन सकता है।

(ख) लोकसभा, प्रधानमंत्री और मंत्रीपरिषद का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें हटा सकती है।

(ग) चूँकि प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति नियुक्त करता है लिहाजा उसे जनता द्वारा चुने जाने की जरूरत नहीं है।

(घ) प्रधानमंत्री के सीधे चुनाव में बहुत ज्यादा खर्च आएगा। सर्वथा उपयुक्त

उत्तर: (क) है। ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि प्रधानमंत्री को बहुमत प्राप्त हो। यह उसे कठपुतली या तानाशाह बनने से रोकता है क्योंकि उसे मंत्रीपरिषद के साथ काम करना पड़ता है।

प्रश्न 8. तीन दोस्त एक ऐसी फिल्म देखने गए जिसमें हीरो एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनता है। और राज्य में बहुत से बदलाव लाता है। इमरान ने कहा कि देश को इसी चीज की जरूरत है। रिजवान ने कहा कि इस तरह का, बिना संस्थाओं वाला व्यक्ति का राज खतरनाक है। | शंकर ने कहा कि यह तो एक कल्पना है। कोई भी मुख्यमंत्री एक दिन में कुछ भी नहींकर सकता। ऐसी फिल्मों के बारे में आपकी क्या राय है?

उत्तरः ऐसी फिल्म अव्यवहार्य तथा अलोकतांत्रिक है। किसी योजना को कार्यान्वित करने के लिए सत्ताधारी लोगों का अनुमोदन आवश्यक होता है। मुख्यमंत्री की नियुक्ति निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के उपरांत की जाती है। साथ ही सुधारों के लिए अत्यधिक योजना बनाने की जरूरत होती है। मैं भी शंकर से सहमत हूँ। राज्य में बदलाव लाने के लिए केवल एक दिन काफी नहीं होता।

प्रश्न 9. एक शिक्षिका छात्रों की संसद के आयोजन की तैयारी कर रही थी। उसने दो छात्राओं को अलग-अलग पार्टियों के नेताओं की भूमिका करने को कहा। उसने उन्हें विकल्प भी दिया। यदि वे चाहें तो राज्यसभा में बहुमत प्राप्त दल की नेता हो सकतीं थी और अगर चाहें तो लोकसभा के बहुमत प्राप्त दल की। अगर आपको यह विकल्प दिया जाए तो आप क्या चुनेंगे और क्यों?

उत्तरः मैं कृत्रिम लोकसभा को प्राथमिकता दूंगा क्योंकि राज्यसभा की अपेक्षा लोकसभा अधिक शक्शिाली होती है।


कोई भी सामान्य बिल दोनों सदनों द्वारा पास किया जाना आवश्यक है। किन्तु लोकसभा के सदस्यों की संख्या अधिक होने के कारण बहुमत का निर्णय मान्य होता है।


वित्तीय मामलों में लोकसभा की शक्तियाँ अधिक होती हैं। वित्तीय बिल केवल लोकसभा में पेश किए जा सकते हैं। देश के प्रशासन को चलाने के लिए सारा धन लोकसभा द्वारा ही प्रदान किया जाता है। लोकसभा मंत्रिमंडल को नियंत्रित करती है।


लोकसभा के सदस्य योग्य मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।


प्रश्न 10. आरक्षण पर आदेश का उदाहरण पढ़कर तीन विद्यार्थियों की न्यायपालिका पर अलग-अलग प्रतिक्रिया थी। इसमें से कौन-सी प्रतिक्रिया, न्यायपालिका की भूमिका को सही तरह से समझती है?

(क) श्रीनिवास का तर्क है कि चूंकि सर्वोच्च न्यायालय सरकार के साथ सहमत हो गई है लिहाजा वह स्वतंत्र नहीं है।

(ख) अंजैया का कहना है कि न्यायपालिका स्वतंत्र है क्योंकि वह सरकार के आदेश के खिलाफ फैसला सुना सकती थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को उसमें संशोधन का निर्देश दिया।

(ग) विजया का मानना है कि न्यायपालिका न तो स्वतंत्र है न ही किसी के अनुसार चलने वाली है। बल्कि वह विरोधी समूहों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाती है। न्यायालय ने इस आदेश के समर्थकों और विरोधियों के बीच बढ़िया संतुलन बनाया। आपकी राय में कौन-सा विचार सही है?

उत्तरः न्यायपालिका की भूमिका के बारे में अंजैया का विचार सही है।

NCERT Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 6 Democratic Rights (Hindi Medium)



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प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

प्रश्न 1. इनमें से कौन-सा मैलिक अधिकारों के उपयोग का उदाहरण नहीं है?

(क) बिहार के मजदूरों का पंजाब के खेतों में काम करने जाना।

(ख) इसाई मिशनों द्वारा मिशनरी स्कूलों की श्रृंखला चलाना ।

(ग) सरकारी नौकरी में औरत और मर्द को समान वेतन मिलना।

(घ) बच्चों द्वारा मां-बाप की संपत्ति विरासत में पाना।

उत्तरः (क) बच्चों द्वारा मां-बाप की संपत्ति विरासत में पाना।

प्रश्न 2. इनमें से कौन-सी स्वतंत्रता भारतीय नागरिकों को नहीं है?

(क) सरकार की आलोचना की स्वतंत्रता।

(ख) सशस्त्र विद्रोह में भाग लेने की स्वतंत्रता

(ग) सरकार बदलने के लिए आंदोलन शुरू करने की स्वतंत्रता

(घ) संविधान के केंद्रीय मूल्यों का विरोध करने की स्वतंत्रता

उत्तरः

(ख) सशस्त्र विद्रोह में भाग लेने की स्वतंत्रता।

(ग) सरकार बदलने के लिए आंदोलन शुरू करने की स्वतंत्रता।

(घ) संविधान के केंद्रीय मूल्यों का विरोध करने की स्वतंत्रता ।

प्रश्न 3. भारतीय संविधान इनमें से कौन-सा अधिकार देता है?

(क) काम का अधिकार

(ख) पर्याप्त जीविका का अधिकार

(ग) अपनी संस्कृति की रक्षा का अधिकार

(घ) निजता का अधिकार

उत्तरः (ग) अपनी संस्कृति की रक्षा का अधिकार

प्रश्न 4. उस मौलिक अधिकार का नाम बताएँ जिसके तहत निम्नलिखित स्वतंत्रताएँ आती हैं?

(क) अपने धर्म का प्रचार करने की स्वतंत्रता

(ख) जीवन का अधिकार

(ग) छुआछूत की समाप्ति

(घ) बेगार पर प्रतिबंध

उत्तरः

(क) धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार

(ख) व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार

(ग) समानता का अधिकार ।

(घ) शोषण के विरुद्ध अधिकार

प्रश्न 5. लोकतंत्र और अधिकारों के बीच संबंधों के बारे में इनमें से कौन-सा बयान ज्यादा उचित है? अपनी पसंद के पक्ष में कारण बताएँ? ।

(क) हर लोकतांत्रिक देश अपने नागरिकों को अधिकार देता है।

(ख) अपने नागरिकों को अधिकार देने वाला हर देश लोकतांत्रिक है।

(ग) अधिकार देना अच्छा है, पर यह लोकतंत्र के लिए जरूरी नहीं है।

उत्तरः बयान (क) अधिक वैध है। अपने नागरिकों को अधिकार देने वाला प्रत्येक देश चाहे लोकतांत्रिक न हो किन्तु लोकतंत्र के लिए यह आवश्यक है कि वह अपने नागरिकों को अधिकार प्रदान करे।

प्रश्न 6. स्वतंत्रता के अधिकार पर ये पाबंदियाँ क्या उचित हैं? अपने जवाब के पक्ष में कारण बताएँ ।

(क) भारतीय नागरिकों को सुरक्षा कारणों से कुछ सीमावर्ती इलाकों में जाने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है।

(ख) स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए कुछ इलाकों में बाहरी लोगों को संपत्ति खरीदने की अनुमति नहीं है।

(ग) शासक दल को अगले चुनाव में नुकसान पहुँचा सकने वाली किताब पर सरकार प्रतिबंध लगाती है।

उत्तरः

(क) नागरिकों के जान-माल की रक्षा के लिए ‘क’ उचित है।

(ख) अनुचित है क्योंकि

(ख) स्वतंत्रता के अधिकार पर अतिक्रमण करता है।

(ग) अनुचित है क्योंकि

(ग) बोलने व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है।

प्रश्न 7. मनोज एक सरकारी दफ्तर में मैनेजर के पद के लिए आवेदन देने गया। वहाँ के किरानी

ने उसका आवेदन लेने से मना कर दिया और कहा, ‘झाडू लगाने वाले का बेटा होकर तुम मैनेजर बनना चाहते हो। तुम्हारी जाति का कोई कभी इस पद पर आया है? नगरपालिका के दफ्तर जाओ और सफाई कर्मचारी के लिए अर्जी दो। इस मामले में मनोज के किस मौलिक अधिकार का उल्लंघन हो रहा है? मनोज की तरफ से जिला अधिकारी के नाम

लिखे एक पत्र में इसका उल्लेख करो।

उत्तरः मनोज के मामले में समानता के अधिकार’ तथा ‘स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन हुआ है।

प्रश्न 8. जब मधुरिमा संपत्ति के पंजीकरण वाले दफ्तर में गई तो रजिस्ट्रार ने कहा, “आप अपना

नाम मधुरिमा बनर्जी, बेटी ए.के. बनर्जी नहीं लिख सकतीं। आप शादीशुदा हैं आपको अपने पति का ही नाम देना होगा। फिर आपके पति का उपनाम तो राव है। इसलिए आपका नाम भी बदलकर मधुरिमा राव हो जाना चाहिए।” मधुरिमा इस बात से सहमत नहीं हुई। उसने कहा, “अगर शादी के बाद मेरे पति का नाम नहीं बदला तो मेरा नाम क्यों बदलना चाहिए? अगर वह अपने नाम के साथ पिता का नाम लिखते रह सकते हैं तो मैं क्यों नहीं लिख सकती?” आपकी राय में इस विवाद में किसका पक्ष सही है? और क्यों?

उत्तरः मधुरिमा सही है। उसके व्यक्तिगत मामलों पर प्रश्न करके तथा उनमें दखल करके रजिस्ट्रार उसके स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन कर रहा है। साथ ही, अपने पति का नाम अपनाने का प्रश्न सामाजिक मान्यताओं पर आधारित है जो महिलाओं को कमतर तथा कमजोर मानता है। मधुरिमा को अपना नाम बदलने के लिए बाध्य करना समानता के अधिकार तथा धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।